चिनाब नदी ने छीन लिया घर का चिराग, मां-पत्नी की चीखों से गूंजा गांव
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में निर्माणाधीन प्रोजेक्ट क्वार्ड के लिए शटरिंग ढुलान कार्य करते चिनाब नदी में बहे तिलक का शव मंगलवार मध्यरात्रि घर पहुंचा। शव घर पहुंचने पर परिजनों की चीखो पुकार निकल गई। मृतक की मां और पत्नी बार-बार गश खाकर बेहोश होती रहीं। गांव की महिलाएं दोनों को सहारा देकर ढांढस बंधाती नजर आई। बुधवार को पैतृक गांव स्थित श्मशानघाट पर मृतक का हिंदू रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार किया गया। मृतक तिलक राज पुत्र रूमालू गांव व पंचायत भजोत्रा तहसील सलूणी जिला चंबा जेएंडके के गांव पड़ीहारना में निर्माणाधीन प्रोजेक्ट क्वार्ड के लिए शटरिंग ढुलान का कार्य कर रहा था। रविवार दोपहर 2:00 बजे मूसलाधार बारिश के बाद आई बाढ़ के बहाव में बह गया। उसके दो अन्य साथियों ने जैसे-तैसे कर अपने आप को बचाया। लापता व्यक्ति का कोई सुराग नहीं लग पाया। लापता को तलाशने के लिए स्थानीय मजदूरों, पुलिस टीम ने कड़ी मेहनत की। बीते मंगलवार शव लोहे के जाले में फंसा होने का उन्हें सुराग मिला। जिसके बाद एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पुलिस टीमों ने कड़ी मेहनत कर शव को जाले से बाहर निकाला। मृतक तिलक के लापता होने की भनक लगते ही उनका भाई दर्शन कुमार, मामा चमारू राम, ममेरा भाई सुनीत सिंह और कमलेश कुमार जेएंडके रवाना हो गए। मंगलवार को मौके पर पहुंचे परिजनों ने पुलिस और अन्य टीमों के साथ शव निकाल कर अस्पताल पहुंचाया। पोस्टमार्टम के बाद वहां से घर के लिए निकल पड़े। देर रात शव घर पहुंचाया गया। गया। उधर, भजोत्रा पंचायत प्रधान नीना सुंदरम ने बताया कि बुधवार को मृतक का अंतिम संस्कार किया गया।












