35 किलोमीटर की दूरी बनी चुनाव बहिष्कार की वजह, कंगरी वार्ड के लोगों ने नहीं भरा नामांकन
हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र की री पंचायत के अंतर्गत आने वाले कंगरी वार्ड नंबर-1 में पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा विरोध देखने को मिला है। वार्ड के ग्रामीणों ने पंचायत चुनाव के बहिष्कार का ऐलान कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी लंबे समय से चली आ रही मांगों को प्रशासन लगातार नजरअंदाज करता आ रहा है, जिसके चलते अब उन्होंने मतदान न करने का सामूहिक फैसला लिया है। यही वजह रही कि इस वार्ड से पंचायत चुनाव के लिए किसी भी व्यक्ति ने नामांकन दाखिल नहीं किया।
मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और प्रशासन को अपने फैसले से अवगत करवाया। ग्रामीणों ने साफ शब्दों में कहा कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे केवल पंचायत चुनाव ही नहीं बल्कि भविष्य में होने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों का भी बहिष्कार करेंगे।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि कंगरी वार्ड को वर्तमान री पंचायत से अलग कर ख्याह पंचायत में शामिल किया जाए। लोगों का कहना है कि री पंचायत का मुख्यालय गांव से काफी दूर स्थित है, जिसके कारण छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
पंचायत मुख्यालय तक पहुंचने में 100 से 150 रुपये तक हो जाते हैं खर्च
कंगरी निवासी कुलदीप सिंह ने बताया कि वर्ष 2023 से ग्रामीण लगातार इस मांग को उठा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि पंचायत मुख्यालय तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को 35 से 40 किलोमीटर तक का सफर तय करना पड़ता है। आने-जाने में प्रति व्यक्ति 100 से 150 रुपये तक खर्च हो जाते हैं। कई बार पंचायत प्रधान या संबंधित अधिकारी उपलब्ध नहीं होते, जिसके चलते लोगों को बिना काम करवाए ही वापस लौटना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि दूरदराज क्षेत्र होने के कारण उन्हें प्रमाण पत्र, राजस्व कार्य, पेंशन, मनरेगा और अन्य पंचायत संबंधी कार्यों के लिए बार-बार परेशानी झेलनी पड़ती है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि या तो कंगरी वार्ड को ख्याह पंचायत में शामिल किया जाए या फिर नई पंचायत का गठन किया जाए, ताकि ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाओं और प्रशासनिक सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े।
ग्रामीणों ने उपायुक्त से गांव का दौरा कर मौके पर स्थिति का जायजा लेने की भी मांग की है। साथ ही उन्होंने प्रशासन से यह भी कहा कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तो वार्ड में पंचायत चुनाव के लिए मतदान केंद्र स्थापित करने का कोई औचित्य नहीं रहेगा, क्योंकि पूरा गांव चुनाव से दूरी बनाए रखेगा।






