हिमकेयर-आयुष्मान योजना में देरी से भुगतान, कैंसर मरीजों को नहीं मिल रहा मुफ्त इलाज
हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर और आयुष्मान योजना के तहत 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का दावा तो है, लेकिन मरीजों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। IGMC शिमला सहित कई अस्पतालों में कैंसर मरीजों को कीमोथैरेपी की महंगी दवाइयां और इंजेक्शन बाहर से खरीदने पड़ रहे हैं, जिससे उन पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
मरीजों और तीमारदारों में सरकार के खिलाफ नाराजगी है, क्योंकि जन औषधि केंद्रों में सस्ती दवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन जरूरी कैंसर दवाएं लंबे समय से स्टॉक में नहीं हैं।
IGMC में हिमकेयर और आयुष्मान योजनाओं के तहत करीब 110 करोड़ रुपये की देनदारी बताई जा रही है। वहीं अधिकारियों के अनुसार, हिमकेयर में लगभग 70 करोड़ और आयुष्मान में करीब 40 करोड़ रुपये की बकाया राशि है। भुगतान समय पर न होने से मरीजों को मुफ्त इलाज का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
हिमकेयर की 70 करोड़, आयुष्मान की 40 करोड़ की देनदारी: डॉ. राहुल राव
IGMC शिमला के सीनियर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव ने बताया कि 70 करोड़ रुपए हिमकेयर और 40 करोड़ रुपए की आयुष्मान योजना की देनदारी है। उन्होंने बताया कि हिमकेयर में तो राज्य सरकार से कुछ पेमेंट आ रही है, लेकिन आयुष्मान योजना में पांच-छह महीने से केंद्र से पेमेंट नहीं मिली। इससे कैंसर मरीजों को मुफ्त दवाइयां नहीं मिल पा रही।






