आनी हादसे ने खोली सिस्टम की पोल: क्रैश बैरियर होते तो शायद बच जाती डॉक्टर दंपती की जान
आनी उपमंडल की राणाबाग-बलेहड़ सड़क पर शुक्रवार सुबह हुए दर्दनाक हादसे ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रामपुर से खुड्डीजल मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे डॉक्टर दंपती की कार पर अचानक पहाड़ी से भारी चट्टानें और पत्थर आ गिरे। टक्कर के बाद कार गहरी खाई में जा गिरी, जिससे डॉ. बृज ठाकुर और उनकी पत्नी सविता ठाकुर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी बेटी घायल हो गई।
बताया जा रहा है कि यह सड़क लंबे समय से भूस्खलन और गिरते पत्थरों के कारण बेहद संवेदनशील बनी हुई है। करीब 11 किलोमीटर लंबी राणाबाग-बलेहड़ सड़क का आठ से नौ किलोमीटर हिस्सा लगातार खतरे की जद में रहता है। वर्ष 2020 से 2026 के बीच इसी स्थान पर हुए तीन बड़े हादसों में अब तक पांच लोगों की जान जा चुकी है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग सड़क का चौड़ीकरण तो कर रहा है, लेकिन अब तक यहां क्रैश बैरियर और पैरापिट नहीं लगाए गए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सुरक्षा बैरियर लगे होते तो कार खाई में गिरने से बच सकती थी और शायद यह दर्दनाक हादसा टल जाता।
हादसे के बाद भी पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरते रहे। इसके बावजूद स्थानीय लोग और आनी के विधायक लोकेंद्र कुमार राहत एवं बचाव कार्य में जुटे रहे। विधायक ने स्वयं घायल बेटी को स्ट्रेचर के माध्यम से सुरक्षित सड़क तक पहुंचाने में मदद की और हादसे पर गहरा दुख जताया।
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता मनीष कुमार ने बताया कि सड़क पर पैरापिट निर्माण का कार्य जारी है, लेकिन लगातार बारिश के कारण काम प्रभावित हुआ है। विभाग का दावा है कि पूरी सड़क पर सुरक्षा दीवारों का निर्माण किया जाएगा।
डॉ. बृज ठाकुर रामपुर में अपना निजी क्लीनिक चलाते थे और स्त्री रोग विशेषज्ञ के रूप में क्षेत्र में सेवाएं दे रहे थे। उनके निधन से चिकित्सा जगत और स्थानीय लोगों में शोक की लहर है। पीछे उनकी दो बेटियां हैं, जिनके सिर से माता-पिता का साया उठ गया।






