विजिलेंस पूछताछ के बाद सुधीर शर्मा का सुक्खू सरकार पर हमला, बोले- 'दबाव से नहीं दबेगी विपक्ष की आवाज'
धर्मशाला से भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा से आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस द्वारा की जा रही जांच के तहत मंगलवार को पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद सुधीर शर्मा ने कहा कि विजिलेंस अधिकारियों की ओर से पूछे गए अधिकांश सवालों के जवाब दे दिए गए हैं और जिन दस्तावेजों की जरूरत है, उन्हें भी उपलब्ध करवाया जाएगा। इस दौरान हमीरपुर से भाजपा विधायक आशीष शरमाई उनके सुधीर शर्मा के अधिवक्ता अंकुर सोनी भी उनके साथ मौजूद रहे।
सुधीर शर्मा ने कहा कि विजिलेंस के पास पैतृक संपत्ति से जुड़ी जानकारी पूरी नहीं थी। अधिकारियों ने दो रजिस्ट्रियों का उल्लेख किया, जबकि उनके अनुसार पैतृक भूमि से संबंधित 14 रजिस्ट्रियां हैं। उन्होंने शेयरों से जुड़े लेन-देन को लेकर कहा कि शेयर बैंक के माध्यम से खरीदे और बेचे गए तथा प्राप्त राशि बैंक खाते में आई और उस पर आयकर भी जमा किया गया है।
सुधीर शर्मा ने एफआईआर को राजनीतिक बदले की भावना से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार दबाव की राजनीति और एफआईआर के जरिए विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन जनता से जुड़े मुद्दे वे आगे भी उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की नाकामी से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के मामलों को तूल दिया जा रहा है।
भाजपा समर्थकों की भारी मौजूदगी पर सुधीर शर्मा ने कहा कि यह जनता की भावना को दर्शाता है। उन्होंने सरकार के उन आरोपों को खारिज किया कि वे भाजपा से अलग गुट बनाकर चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जनता इसका करारा जवाब देगी।
विजिलेंस की कार्रवाई के दौरान पुलिस सुरक्षा और घर के बाहर नाकाबंदी को लेकर उन्होंने कहा कि वे इसे सुरक्षा घेरा मानते हैं, लेकिन हिमाचल की राजनीति में इस तरह की परंपरा पहले नहीं थी। उन्होंने कहा कि इसके दूरगामी परिणाम होंगे।
विधायक बोले—चुनावी हलफनामों में सब कुछ सार्वजनिक
सुधीर शर्मा ने कहा कि वह वर्ष 2003 से चुनाव लड़ रहे हैं और उनके सभी चुनावी हलफनामे ऑनलाइन उपलब्ध हैं। उनके अनुसार, संपत्ति और आय से संबंधित जानकारी चुनाव के दौरान सार्वजनिक की गई है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी को यदि दस्तावेज चाहिए तो वे उपलब्ध करवाए जाएंगे और छिपाने जैसी कोई बात नहीं है।
उन्होंने कहा कि विधानसभा के मानसून सत्र में भी प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों को मजबूती से उठाया जाएगा। उनके अनुसार, एफआईआर और जांच के बावजूद वे जनता से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।
वकील अंकुर सोनी ने कहा—जांच में पूरा सहयोग
सुधीर शर्मा का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता एवं धर्मशाला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अंकुर सोनी ने बताया कि विजिलेंस अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच के आधार पर कई सवाल किए, जिनके जवाब दे दिए गए हैं। एक लिखित सबमिशन भी जांच अधिकारियों के समक्ष दाखिल किया गया है।
उन्होंने कहा कि मामला मुख्य रूप से संपत्ति और वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों का है। बैंक स्टेटमेंट, आयकर रिटर्न और चुनावी हलफनामों के माध्यम से आय एवं संपत्तियों का रिकॉर्ड उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि संपत्तियां पुरानी होने के कारण सभी दस्तावेज जुटाने में समय लग रहा है, जिसके लिए जांच अधिकारियों से समय लिया गया है।
अंकुर सोनी ने कहा कि अभी अगली पूछताछ की कोई तारीख तय नहीं हुई है। जमा करवाए गए दस्तावेजों की जांच के बाद विजिलेंस की ओर से आगे की प्रक्रिया के लिए बुलाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है।






