बड़ी बहन की मेहमानी कर वापस मंदिर लौटी माता शूलिनी
राज्य स्तरीय मां शूलिनी मेले के अंतिम दिन माता शूलिनी देवी अपनी बड़ी बहन के यहां दो दिन रुकने के बाद वापस मंदिर लौट गई। मंदिर लौटते ही मेले का समापन भी हो गया। इससे पहले तीसरे दिन गंज बाजार स्थित शक्ति पीठम में माता के दर्शन को श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। माता की विदाई के समय माहौल भाव-विभोर हो गया। वहीं, मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने मेले का समापन किया। सोलन पहुंचने पर स्थानीय प्रशासन ने उनका स्वागत किया। राज्यपाल ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और उसके बाद नाइट कलचर शुरू हो गया। इस मौके पर राज्यपाल से शुक्ल ने मेला कमेटी को सराहा। उन्होंने कहा कि इतने बड़े मेले को करवाने के लिए बहुत चुनौतियां आती हैं, लेकिन इसे जिला प्रशासन ने बेहतर ढंग से निभाया है। तीसरी और आखिरी सांस्कृतिक संध्या के बाद रविवार को इस मेले का समापन हो गया। वहीं शूलिनी मेले की तीसरी सांस्कृतिक संध्या बॉलीवुड सिंगर देव नेगी के नाम रही। उन्होंने अपनी गायकी से सभी का मनमोहन लिया। उन्होंने हिंदी गानों से माहौल बना दिया और एक से बढ़कर एक गीत गाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंच पर आते ही उन्होंने अपना फेमस गाना तुझको बनाकर ले जाएंगे बद्री की दुल्हनिया से शुरुआत की। इसके बाद तो माहौल बंध गया। देव नेगी ने इसके बाद स्वीटी तेरा ड्रामा मचा दे हंगामा, शाही जोड़ा पहनकर आई जो बन ठन कर, ओ मेरी जोहरा जुबी मैंने तुझसे हसी कभी देखा ही नहीं जैसे एक से बढ़कर एक बॉलीवुड के गाने गाकर सभी दर्शकों को खूब नचाया। इससे पहले ईशान भारद्वाज ने भी हिंदी गाने गाकर माहौल बांध दिया। उनके गानों पर भी लोगों ने खूब ठुमके लगाए और मेले का लुत्फ लिया, जबकि तीसरी और आखिरी सांस्कृतिक संध्या में बीरबल किन्नौरा ने भी अपनी आवाज का जादू बिखेरा। उन्होंने कई पहाड़ी गाने गाए, जिसका दर्शकों ने खूब आनंद लेते हुए नाटी लगाई। बीरबल किन्नौरा के पहाड़ी गीतों पर पूरा ठोडो मैदान झुमने लगा, जबकि स्टैंजिग नोरागिज ने शूलिनी मेले की तीसरी सांस्कृतिक संध्या में खूब आनंद करवाया। उनके बॉलीवुड गानों पर लोगों को ठुमके लगाने ही पड़े, जबकि इसके अलावा सोलन के स्थानीय कलाकार अजय भारद्वाज ने भी माहौल बांध दिया। उन्होंने अपना भक्तिमय गाना गाकर सभी को माता शूलिनी की याद दिला दी। बता दें कि अजय भारद्वाज ने एक स्पेशल गीत माता शूलिनी मेले को लेकर ही गाया है। इसके अलावा उन्होंने कई और गाने भी गाए। इससे पहले भी कई स्थानीय कलाकारों को जिला प्रशासन ने अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका दिया। साथ ही सिरमौर का सिहंटू नृत्य भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहा। इसी बीच महिला कुश्ती का फाइनल मुकाबला आरजू पहलवान चंडीगढ़ और सुमित पहलवान के बीच खेला गया। इसमें आरजू पहलवान विजेता रही।












