हिमाचल के सरकारी स्कूलों में बढ़ा छात्रों का भरोसा, 11,721 विद्यार्थियों ने छोड़े निजी स्कूल
शिमला: हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्कूलों को लेकर बड़ी और सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। पहली बार ऐसा हुआ है जब सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या घटने के बजाय बढ़ी है। प्रदेशभर के हजारों अभिभावकों और विद्यार्थियों ने निजी स्कूलों से हटकर अब सरकारी स्कूलों का रुख किया है। खास बात यह है कि यह बदलाव उन सरकारी स्कूलों में देखने को मिला है जिन्हें हाल ही में सीबीएसई से संबद्ध किया गया है।
प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार लाने और सरकारी स्कूलों में लगातार कम हो रही छात्र संख्या पर रोक लगाने के उद्देश्य से 158 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध किया गया था। अब इस फैसले के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। सरकारी स्कूलों में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और सीबीएसई पाठ्यक्रम मिलने से अभिभावकों का भरोसा बढ़ा है।
शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2026-27 में इन सीबीएसई संबद्ध सरकारी स्कूलों में अब तक कुल 84,420 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। इनमें सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि 11,721 विद्यार्थियों ने निजी स्कूल छोड़कर सरकारी स्कूलों में प्रवेश लिया है। वहीं 11,525 विद्यार्थी अन्य सरकारी स्कूलों से स्थानांतरित होकर सीबीएसई संबद्ध स्कूलों में पहुंचे हैं। इस तरह कुल मिलाकर अब तक 23,247 नए दाखिले दर्ज किए जा चुके हैं।
प्रदेश के मंडी, शिमला, चंबा, सिरमौर और सोलन जिलों के सरकारी स्कूलों में सबसे अधिक दाखिले हुए हैं। शिक्षा विभाग का मानना है कि आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ सकती है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, स्मार्ट क्लास, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू करने के कारण अभिभावकों का भरोसा मजबूत हुआ है।
सरकार इसे शिक्षा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि मान रही है। लंबे समय से सरकारी स्कूलों में घटती छात्र संख्या सरकार और शिक्षा विभाग के लिए चिंता का विषय बनी हुई थी, लेकिन अब हालात बदलते दिखाई दे रहे हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का भी मानना है कि यदि इसी तरह शिक्षा की गुणवत्ता पर लगातार काम किया गया तो आने वाले वर्षों में सरकारी स्कूल निजी स्कूलों को कड़ी चुनौती दे सकते हैं।






