हिमाचल में BPL सूची नियमों में बदलाव, आय सीमा बढ़ी; अब ये परिवार भी होंगे शामिल
शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) परिवारों की पहचान और चयन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए हजारों जरूरतमंद परिवारों को राहत देने का फैसला लिया है। सरकार ने बीपीएल सूची में शामिल होने के लिए आय सीमा बढ़ाने के साथ-साथ मनरेगा श्रमिकों सहित कई अन्य वर्गों को भी पात्रता के दायरे में शामिल किया है।
ग्रामीण विकास विभाग ने बीपीएल चयन प्रक्रिया के 8वें चरण को मंजूरी दे दी है। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार पात्र परिवार 5 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकेंगे, जबकि 15 जुलाई 2026 तक अंतिम सूची प्रकाशित कर दी जाएगी।
आय सीमा बढ़ाकर 75 हजार रुपये
अब तक बीपीएल सूची में शामिल होने के लिए परिवार की वार्षिक आय सीमा 50 हजार रुपये निर्धारित थी। सरकार ने इसे बढ़ाकर 75 हजार रुपये प्रति वर्ष कर दिया है। माना जा रहा है कि इस निर्णय से अधिक जरूरतमंद परिवारों को सरकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों का लाभ मिल सकेगा।
मनरेगा श्रमिकों को बड़ी राहत
सरकार ने मनरेगा श्रमिकों के लिए भी नियमों में राहत दी है। अब पिछले वित्तीय वर्ष में मनरेगा के तहत केवल एक दिन कार्य करने वाला परिवार भी बीपीएल सूची में शामिल होने के लिए आवेदन कर सकेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
इन परिवारों को मिलेगी पात्रता
नई व्यवस्था के तहत ऐसे परिवार भी बीपीएल सूची में शामिल हो सकेंगे जिनमें केवल अनाथ बच्चे हों, बुजुर्ग सदस्य हों और कोई सक्षम वयस्क न हो, महिला मुखिया वाले परिवार, विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता महिलाएं, 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले मुखिया के परिवार, भूमिहीन परिवार तथा गंभीर बीमारी या दुर्घटना से प्रभावित कमाऊ सदस्य वाले परिवार शामिल हैं।
ये परिवार नहीं होंगे पात्र
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन परिवारों का कोई सदस्य आयकरदाता है, जिनकी वार्षिक आय 75 हजार रुपये से अधिक है, जिनके पास एक हेक्टेयर से अधिक भूमि है या जिनका कोई सदस्य सरकारी, अर्धसरकारी अथवा निजी नौकरी में कार्यरत है, उन्हें बीपीएल सूची में शामिल नहीं किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि नए नियमों से वास्तविक जरूरतमंद परिवारों की पहचान आसान होगी और सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंच सकेगा।






