कांग्रेस सरकार पर सिकंदर कुमार का हमला, बोले- उद्योग और शिक्षा व्यवस्था हुई प्रभावित
शिमला। भाजपा के राज्यसभा सांसद एवं प्रदेश महामंत्री डॉ. सिकंदर कुमार ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार की नीतियों के कारण हिमाचल में औद्योगिक विकास और शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार विकास कार्यों के बजाय घोषणाओं और प्रचार पर ज्यादा ध्यान दे रही है, जबकि उद्योगों और शिक्षा क्षेत्र की जमीनी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।
डॉ. सिकंदर कुमार शुक्रवार को शिमला के समरहिल में आयोजित "एक पेड़ मां के नाम" अभियान में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर भाजपा ने प्रदेश के सभी बूथों पर पौधारोपण अभियान चलाने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत प्रदेश के करीब 8,000 बूथों पर दो लाख से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनभागीदारी बढ़ाने का प्रयास है।
उद्योगों को लेकर सरकार पर उठाए सवाल
प्रदेश सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा कि सरकार बल्क ड्रग पार्क से जुड़े उद्योगों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने की बात कर रही है, लेकिन केवल घोषणाओं से निवेश नहीं आता। उन्होंने कहा कि उद्योगों को आकर्षित करने के लिए स्थिर औद्योगिक नीति, बेहतर आधारभूत सुविधाएं, निर्बाध बिजली आपूर्ति, अच्छी सड़कें और पारदर्शी प्रशासन जरूरी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इन क्षेत्रों में अपेक्षित सुधार नहीं होने के कारण प्रदेश में निवेश का माहौल कमजोर हुआ है और उद्योगों के विस्तार पर असर पड़ा है।
शिक्षा व्यवस्था पर भी साधा निशाना
भाजपा सांसद ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कई प्राथमिक विद्यालयों में प्री-प्राइमरी कक्षाओं के संचालन के लिए शिक्षक अपनी जेब से हर महीने करीब 2,500 से 3,000 रुपये खर्च कर अस्थायी शिक्षक रखने को मजबूर हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों पर पहले से ही कई जिम्मेदारियां हैं, ऐसे में यदि उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी उठाना पड़े तो यह प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।
डॉ. सिकंदर कुमार ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के पास उद्योग, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में कोई स्पष्ट रोडमैप नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल घोषणाओं तक सीमित रहने के बजाय धरातल पर ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि प्रदेश के युवाओं और आम लोगों को इसका लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर आगे बढ़ रही है। "एक पेड़ मां के नाम" अभियान इसी सोच का हिस्सा है, जो लोगों को प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित कर रहा है।






