दफ्तर जाने के लिए गाड़ी तो दे दो सरकार : राज्य कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर के चेयरमैन और मेंबर्स किसी के पास नहीं है गाड़ी
हिमाचल की कांग्रेस सरकार ने हमीरपुर स्थित हिमाचल प्रदेश राज्य कर्मचारी चयन आयोग में अध्यक्ष और दो मेंबर्स की नियुक्तियां करके इसे स्ट्रीमलाइन करने का तो प्रयास किया है, लेकिन इनमें किसी को भी वाहन और ड्राइवर की सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई गई है। ऐसा पहली मर्तबा हुआ है, जब आयोग के चेयरमैन और मेंबर्स के पास सरकारी गाड़ी की सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसा नहीं है कि आयोग में इन पदों पर बैठे प्रमुख लोगों को इनकी जरूरत नहीं है। आयोग ने सरकार से उनकी मांग तो की है, लेकिन उस पर अभी तक भी अमलीजामा नहीं पहनाया गया है। यही वजह है कि यह तीनों अपने स्तर पर ही इसकी सुविधा को बनाने में जैसे-तैसे सफल हो रहे हैं। हिमाचल प्रदेश के सचिवालय स्तर पर आयोग के द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को अभी तक अंगूठा ही दिखाया गया है। अब भला भर्तियों को अंजाम देने वाले जिस आयोग के मुखिया यानी अध्यक्ष को सरकार वाहन और ड्राइवर की सुविधा ही उपलब्ध नहीं करवाएगी तो फिर चर्चा तो होनी ही है। वहीं, इस बाबत राज्य कर्मचारी आयोग के सचिव विक्रम महाजन से जब पूछा गया तो उनका कहना था कि आयोग के पास एक ही वाहन है और इसका मल्टीपरपज इस्तेमाल कर लिया जाता है। प्रपोजल अध्यक्ष और मेंबर्स के लिए सरकार को भेजी हुई है। अभी इस बारे ज्यादा कुछ भी नहीं कहा जा सकता।
भंग किए आयोग की पांच गाडिय़ां कहां गईं?
भंग किए गए कर्मचारी चयन आयोग के पास पांच सरकारी गाडिय़ां थीं, जो आयोग के भंग होने के बाद शिमला भेजी गई थीं। उसके बाद लंबे समय तक आयोग भंग रहा। नया आयोग जब गठित हुआ, तो इनमें से कोई भी गाड़ी लौटकर नहीं आई। अब काम चलाओ व्यवस्था के लिए आयोग के पास एक बोलेरो गाड़ी है, जो शुरू में ही सचिव के लिए उपलब्ध करवाई थी। अब सवाल उठता है कि सरकार को भेजी गईं गाडिय़ों को कौन इस्तेमाल कर रहा है?












