हिमाचल में दो दिन तक बंद रहेंगे शराब के ठेके, चुनावी प्रचार-प्रसार पर भी लगेगा विराम
शिमला: हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों की सरगर्मियां अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई हैं. प्रदेश में पिछले कई दिनों से गूंज रहा चुनावी शोर अब थमने वाला है. गांव-गांव में चौपालों से लेकर गलियों तक चली सियासी चर्चाओं के बीच अब मतदाता अपने फैसले की दहलीज पर खड़े हैं. प्रदेश की 1293 पंचायतों में छोटी सरकार चुनने के लिए 26 मई को पहले चरण का मतदान होना है, जिसे लेकर प्रशासन और राज्य निर्वाचन आयोग पूरी तरह सतर्क नजर आ रहे हैं. इसी कड़ी में चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए आयोग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं.
दो दिन तक बंद रहेंगे ठेके
राज्य चुनाव आयोग के निर्देशों के मुताबिक, संबंधित पंचायत क्षेत्रों में आने वाले सभी शराब के ठेके रविवार शाम 3 बजे से बंद कर दिए जाएंगे, जो 26 मई को मतदान प्रक्रिया समाप्त होने के बाद ही दोबारा खुलेंगे. यानी अगले दो दिनों तक इन इलाकों में शराब की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी. इसके साथ ही रविवार शाम 3 बजे से चुनावी प्रचार-प्रसार पर भी विराम लग जाएगा. अब प्रत्याशी न तो जनसभाएं कर सकेंगे और न ही लाउडस्पीकर के जरिए प्रचार होगा. उम्मीदवार केवल घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर सकेंगे.
सभी जिलों में बढ़ाई निगरानी
राज्य निर्वाचन आयोग ने साफ किया है कि आदर्श आचार संहिता और जारी आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. प्रशासन ने भी सभी जिलों में निगरानी बढ़ा दी है, ताकि मतदान से पहले किसी प्रकार की अव्यवस्था या नियमों के उल्लंघन की स्थिति पैदा न हो. पंचायत चुनावों को लेकर ग्रामीण इलाकों में उत्साह चरम पर है और अब सभी की नजरें 26 मई को होने वाले पहले चरण के मतदान पर टिक गई है, जहां जनता अपने गांव की नई सरकार चुनेगी.






