सैलरी और पेंशन में देरी पर HRTC यूनियन सख्त, प्रदेशभर में बस सेवाएं ठप करने की चेतावनी
शिमला। हिमाचल प्रदेश में वेतन भुगतान में लगातार हो रही देरी को लेकर एचआरटीसी कर्मचारियों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। एचआरटीसी कर्मचारी यूनियन ने सुक्खू सरकार और निगम प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए साफ चेतावनी दी है कि यदि आज शाम 5 बजे तक कर्मचारियों के खातों में वेतन नहीं पहुंचा, तो बुधवार सुबह 10 बजे से प्रदेशभर में बसों का संचालन प्रभावित हो सकता है।
यूनियन ने ऐलान किया है कि एचआरटीसी टेक्निकल यूनियन, ड्राइवर और कंडक्टर अपनी बसें साइड में खड़ी कर हड़ताल पर चले जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार और निगम प्रबंधन की होगी।
एचआरटीसी ड्राइवर यूनियन के अध्यक्ष मानसिंह ने कहा कि कर्मचारियों को पिछले छह महीनों से समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हर महीने कर्मचारियों को सैलरी के लिए इंतजार करना पड़ता है, जबकि परिवार चलाने, बच्चों की फीस भरने, घर की किस्त और रोजमर्रा के खर्चों के लिए वेतन ही उनका एकमात्र सहारा है।
उन्होंने कहा, “आज 12 तारीख हो चुकी है और अभी तक वेतन नहीं मिला है। पिछले महीने भी 11 तारीख को वेतन आया था। अब कर्मचारी मानसिक और आर्थिक रूप से टूट चुके हैं। सरकार हर महीने कर्मचारियों को तरसाने का काम कर रही है। अब आर-पार की लड़ाई होगी।”
तारा देवी में हुई गेट मीटिंग, आंदोलन का फैसला
मंगलवार को तारा देवी में आयोजित गेट मीटिंग के दौरान कर्मचारियों ने एकजुट होकर आंदोलन का निर्णय लिया। यूनियन नेताओं ने कहा कि कठिन परिस्थितियों, खराब मौसम और लगातार दबाव के बावजूद एचआरटीसी कर्मचारी पूरी निष्ठा से अपनी सेवाएं देते रहे हैं, लेकिन बदले में उन्हें समय पर वेतन और पेंशन तक नहीं मिल रही।
मानसिंह ने सरकार को याद दिलाते हुए कहा कि 12 अक्टूबर 2025 को एचआरटीसी मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने घोषणा की थी कि कर्मचारियों और पेंशनरों को हर महीने की 2 तारीख तक वेतन और पेंशन जारी कर दी जाएगी, लेकिन यह व्यवस्था धरातल पर लागू नहीं हो सकी।
उन्होंने बताया कि एचआरटीसी में करीब 11 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि लगभग 8500 पेंशनर हैं। आरोप लगाया गया कि अप्रैल महीने की पेंशन भी समय पर जारी नहीं हुई थी और मई महीने में भी पेंशन का भुगतान लंबित है।
“कर्मचारियों के साथ हो रहा अन्याय”
यूनियन नेताओं का कहना है कि वेतन में लगातार देरी से कर्मचारियों के परिवारों पर गंभीर असर पड़ रहा है। कई कर्मचारियों को बैंक किस्त, स्कूल फीस और घरेलू खर्चों के लिए उधार तक लेना पड़ रहा है। ऐसे में समय पर सैलरी न मिलना कर्मचारियों के साथ अन्याय है।
वहीं कर्मचारी महासंघ इंटक ट्रांसपोर्ट के प्रदेश अध्यक्ष समर चौहान ने भी सरकार और निगम प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कर्मचारियों की समस्याओं का तुरंत समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि लंबित वेतन और पेंशन का तुरंत भुगतान किया जाए तथा भविष्य में समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए स्थायी व्यवस्था बनाई जाए।
अगर हड़ताल होती है तो इसका सीधा असर प्रदेशभर में बस सेवाओं पर पड़ सकता है, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।






