महिला आरक्षण बिल: शिमला में गरजा भाजपा का महिला जन आक्रोश, कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप
शिमला: देशभर में महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासी तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। भाजपा जहां इस मुद्दे पर विपक्षी दलों को घेर रही है, वहीं कांग्रेस पर महिलाओं के साथ विश्वासघात करने के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में भाजपा ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए ‘महिला जन आक्रोश पदयात्रा’ निकाली।
इस प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, सांसद सुरेश कश्यप सहित महिला मोर्चा की कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे। पदयात्रा के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और महिला आरक्षण बिल को लेकर पार्टी की भूमिका पर सवाल उठाए।
कांग्रेस पर महिला विरोधी होने के आरोप
प्रदर्शन के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए उसे “महिला विरोधी” करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने महिलाओं को लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने तक से रोकने का प्रयास किया।
बिंदल ने कहा कि प्रदेश में प्रदर्शन करने आई महिलाओं की गाड़ियों को रोका गया और उनके चालान तक काटे गए, जो लोकतंत्र के मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कांग्रेस सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी सरकार पर धिक्कार है।
महिला आरक्षण बिल को लेकर तीखी बयानबाजी
डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद का विशेष सत्र बुलाकर देश की आधी आबादी को नीति निर्माण में भागीदारी देने का मार्ग प्रशस्त किया, लेकिन कांग्रेस ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन न करके “देश की महिलाओं के साथ अन्याय” किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस फैसले से लाखों महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी प्रभावित हुई है।
‘महिलाओं के अधिकारों पर डाका’ का आरोप
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आगे कहा कि हिमाचल में यदि यह बिल लागू होता तो 30 से 35 महिलाएं विधानसभा तक पहुंच सकती थीं, लेकिन कांग्रेस ने उनके अधिकारों पर “डाका डालने” का काम किया है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने लोकतांत्रिक परंपराओं को नजरअंदाज करते हुए प्रदर्शनकारियों के साथ सख्ती बरती है।
2027 चुनाव को लेकर भाजपा का दावा
वहीं, सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि विपक्षी दलों ने 1996 से लेकर अब तक महिला आरक्षण के मुद्दे पर बार-बार “किंतु-परंतु” करके इसका विरोध किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने महिलाओं के अधिकारों का अपमान किया है।
सुरेश कश्यप ने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में महिलाएं कांग्रेस सरकार को सत्ता से बाहर कर देंगी और अपने अधिकार स्वयं हासिल करेंगी।












