कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी कलह! नीरज भारती ने दिया इस्तीफा, सुक्खू सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
शिमला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक नीरज भारती ने अपने पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देकर प्रदेश कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में हलचल मचा दी है। इस्तीफे के साथ ही उन्होंने राज्य सरकार और पार्टी नेतृत्व पर खुलकर निशाना साधते हुए कई गंभीर सवाल उठाए हैं।
नीरज भारती ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार और जिला कांग्रेस नेतृत्व को भेजे अपने त्यागपत्र में कहा कि यह फैसला उनके लिए आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को सत्ता में लाने के लिए उन्होंने हजारों कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर लगातार संघर्ष किया, लेकिन सरकार और संगठन जमीनी कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर सके।
कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का लगाया आरोप
अपने इस्तीफे में भारती ने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित और अनसुना महसूस कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और संगठन के बीच बढ़ती दूरी के कारण कार्यकर्ताओं में निराशा और असंतोष का माहौल है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में वह संगठनात्मक जिम्मेदारियों और राजनीतिक हालात के बीच सामंजस्य स्थापित करने में असमर्थ महसूस कर रहे हैं, इसलिए उन्होंने उपाध्यक्ष पद छोड़ने का निर्णय लिया।
इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया पर सरकार पर हमला
इस्तीफा देने के बाद नीरज भारती ने सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और सरकार की कार्यशैली पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि उनके पिता और प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री प्रो. चंद्र कुमार को मंत्रिपद छोड़ने और बदले में उनके बेटों को चेयरमैन बनाने का प्रस्ताव दिया गया था।
भारती ने कहा कि उन्होंने ऐसी किसी व्यवस्था का हिस्सा बनने से साफ इनकार कर दिया था। उन्होंने अपनी पोस्ट में सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कई तीखी टिप्पणियां भी कीं।
पहले भी उठ चुके हैं सवाल
गौरतलब है कि हाल ही में कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने भी संगठन की कार्यशैली और चुनावी रणनीति को लेकर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए थे। ऐसे में नीरज भारती का इस्तीफा कांग्रेस के भीतर बढ़ते असंतोष का संकेत माना जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में प्रदेश कांग्रेस की आंतरिक राजनीति और संगठनात्मक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। अब सभी की नजरें कांग्रेस नेतृत्व की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।






