जनादेश को स्वीकार करे सुक्खू सरकार, विधानसभा चुनाव में होगा कांग्रेस का सफाया: जयराम ठाकुर
मंडी। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने द्रंग विधानसभा क्षेत्र के स्नोर मंडल के नवनिर्वाचित जिला परिषद सदस्यों, पंचायत समिति सदस्यों, प्रधानों, उप-प्रधानों एवं भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण सांगठनिक बैठक की, जिसमें क्षेत्र के विकास, जनहित के ज्वलंत मुद्दों और पंचायतों की भावी कार्ययोजना पर विस्तार से रणनीति तैयार की गई।
इस अवसर पर सभी नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई व उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि जनता ने जो विश्वास आप पर जताया है, उसे पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और समर्पण के साथ निभाते हुए अपने-अपने क्षेत्रों के विकास को नई गति दें।
उन्होंने कहा कि यह जीत एक पड़ाव मात्र है, हमारी असली मंजिल अभी बाकी है और झूठी गारंटियों वाली इस कांग्रेस सरकार से जनता का विश्वास पूरी तरह उठ चुका है, जिसके चलते आगामी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस का पूरी तरह सफाया होना निश्चित है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आज जो आप लोग चुनाव जीतकर आए हैं, उसके पीछे भारतीय जनता पार्टी का एक लंबा और कड़ा कानूनी संघर्ष रहा है क्योंकि मुख्यमंत्री सुक्खू अपनी तय हार को देखते हुए चुनाव समय पर नहीं करवाना चाहते थे।
उन्होंने कहा कि इस तानाशाही रवैये के खिलाफ भाजपा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट गई, जहां दोनों जगह सुक्खू सरकार को मुंह की खानी पड़ी और अंततः सर्वोच्च अदालत के कड़े निर्देश के बाद 31 मई से पहले यह चुनाव संपन्न कराने पड़े।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुक्खू पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तरह अड़ियल रुख अपनाए हुए हैं और अपनी करारी हार स्वीकार करने के बजाय लगातार झूठ का सहारा लेकर आंकड़े छिपा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले स्थानीय निकाय चुनावों में हार के बाद मुख्यमंत्री ने झूठे आंकड़े पेश किए, फिर पंचायत चुनावों में 2400 प्रधानों की जीत का सफेद झूठ बोला, लेकिन जब भाजपा ने इसकी सूची मांगी तो सरकार के पास कोई जवाब नहीं था।
इसके बाद जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों में भी कांग्रेस ने अपनी हार छिपाई, जबकि भाजपा ने यहां भी प्रचंड जीत के साथ इनसे दो नगर निगम छीनकर तीन जगह बड़ी जीत दर्ज की। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री की नैतिकता इसी में है कि वे इस प्रचंड जनादेश का सम्मान करें, क्योंकि सत्ता के नशे में चूर होकर वे अपने पद के नैतिक मूल्य पूरी तरह भूल चुके हैं।
उन्होंने जीते हुए प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे लोकतंत्र की सबसे छोटी इकाई की पहली परीक्षा पास कर चुके हैं, इसलिए अगले पांच साल पूरी ईमानदारी से जनता की सेवा करें और सबको साथ लेकर चलें। अब आपसी मनमुटाव भुलाकर संगठन को मजबूत करना बेहद जरूरी है।
आपदा के बाद चारों ओर मची तबाही का जिक्र करते हुए जयराम ठाकुर ने प्रशासनिक अधिकारियों को भी सख्त चेतावनी दी कि वे सरकार के दबाव में न आएं और अपनी सीमा में रहकर नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को परेशान न करें।
उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि यदि सरकारी तंत्र के दबाव में आकर हमारे लोगों के घरों की नाप-नपाई करने की कोशिश की गई, तो समय आने पर हम उनके घरों की नाप-नपाई करने से भी गुरेज नहीं करेंगे।






