चुराह की बेटी काजल बनीं सेना में लेफ्टिनेंट, वर्दी में देख पिता की आंखों से झलके खुशी के आंसू...
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की चुराह घाटी की बेटी काजल ठाकुर ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर इतिहास रच दिया है। वह इस क्षेत्र की पहली ऐसी बेटी बन गई हैं, जिन्होंने सेना में अधिकारी बनकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे चुराह और प्रदेश को गौरवान्वित किया है।
भंजराड़ू पंचायत के डिकरियुंड गांव की रहने वाली काजल ठाकुर को कोलकाता में आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त किया गया। इस गौरवपूर्ण और भावुक क्षण के साक्षी बनने के लिए उनके माता-पिता भी वहां मौजूद रहे। जैसे ही काजल के कंधों पर सितारों वाली वर्दी सजी, परिवार की आंखें गर्व से नम हो उठीं।
शिक्षक पिता की बेटी ने रचा इतिहास
काजल के पिता जगदीश ठाकुर शिक्षा विभाग में जेबीटी शिक्षक हैं। बेटी की इस उपलब्धि पर उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि यह सफलता अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए परिवार और समाज को उन्हें हर क्षेत्र में प्रोत्साहित करना चाहिए, ताकि वे अपने सपनों को साकार कर सकें।
अनुशासन और मेहनत से हासिल किया मुकाम
काजल ठाकुर की प्रारंभिक शिक्षा मजराड़ू में हुई। बचपन से ही पढ़ाई में होनहार काजल का सपना सेना में अधिकारी बनने का था, जिसे उन्होंने अपनी मेहनत, लगन और अनुशासन के बल पर पूरा कर दिखाया। उनकी सफलता से पूरे गांव और क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
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जनप्रतिनिधियों और प्रशासन ने दी बधाई
चुराह विधानसभा क्षेत्र के विधायक हंसराज ने काजल को बधाई देते हुए कहा कि उनकी इस उपलब्धि ने पूरे चुराह-चंबा का नाम देशभर में रोशन किया है। वहीं, डीसी चंबा मुकेश रेपिसवाल ने भी काजल की सफलता को बेटियों के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि मेहनत और परिवार के सहयोग से बेटियां किसी भी मुकाम को हासिल कर सकती हैं।
काजल ठाकुर की यह उपलब्धि न केवल एक व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि अगर हौसले बुलंद हों, तो बेटियां हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं।












