गांवों में भी अब मनमर्जी से नहीं बन सकेंगे मकान, नक्शा पास कराना होगा अनिवार्य!
शिमला। हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में अब बिना नियमों के मकान बनाना आसान नहीं रहेगा। प्रदेश सरकार गांवों में तेजी से बढ़ रहे अनियोजित और अनियंत्रित निर्माण पर लगाम कसने की तैयारी में है। इसी दिशा में सरकार एक नया मॉडल प्लान लागू करने जा रही है, जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में भवन निर्माण को भी नियमानुसार संचालित किया जाएगा।
नए प्रस्तावित नियमों के अनुसार अब गांवों में मकान बनाने से पहले भवन का नक्शा स्वीकृत करवाना अनिवार्य होगा। जिस प्रकार शहरों में भवन निर्माण के लिए नक्शा पास करवाना जरूरी है, उसी तर्ज पर ग्रामीण क्षेत्रों में भी निर्माण गतिविधियों को कानूनी और नियोजित ढांचे में लाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य गांवों के सुनियोजित विकास को बढ़ावा देना और भविष्य में अव्यवस्थित निर्माण से उत्पन्न होने वाली समस्याओं को रोकना है।
1,000 वर्ग मीटर से कम भूमि के लिए ग्रामीण विकास विभाग देगा मंजूरी
वर्तमान व्यवस्था के तहत 1,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले प्लॉटों के भवन नक्शों की मंजूरी नगर एवं ग्राम नियोजन (TCP) विभाग द्वारा दी जाती है। लेकिन अब सरकार 1,000 वर्ग मीटर से कम क्षेत्रफल वाले प्लॉटों के नक्शों की मंजूरी का अधिकार ग्रामीण विकास विभाग को सौंपने की तैयारी कर रही है।
इसके लिए नियमों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मंत्रिमंडलीय उप-समिति ने ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों के नियमन के लिए तैयार किए गए मॉडल प्लान को मंजूरी दे दी है। अब इस प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति के लिए आगामी मंत्रिमंडल बैठक में रखा जाएगा।
मंत्रिमंडलीय उप-समिति की बैठक में हुआ फैसला
यह महत्वपूर्ण निर्णय राजस्व, बागबानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडलीय उप-समिति की तीसरी बैठक में लिया गया। बैठक में आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण तथा नगर नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी और ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरूद्ध सिंह भी उपस्थित रहे।
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रही निर्माण गतिविधियों और उनके प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई। उप-समिति ने माना कि भविष्य में ग्रामीण क्षेत्रों के सुनियोजित विकास के लिए स्पष्ट नियम और दिशा-निर्देश आवश्यक हैं।
अनियोजित निर्माण पर लगेगी रोक
सरकार का कहना है कि प्रदेश के कई गांवों में तेजी से भवन निर्माण हो रहा है, लेकिन इसके लिए कोई स्पष्ट और एकसमान व्यवस्था नहीं होने के कारण कई स्थानों पर अव्यवस्थित विकास देखने को मिल रहा है। मॉडल प्लान लागू होने के बाद भवन निर्माण, सड़क संपर्क, जल निकासी, सार्वजनिक सुविधाओं और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य किए जाएंगे।
सरकार को उम्मीद है कि नई व्यवस्था लागू होने से गांवों में विकास अधिक व्यवस्थित होगा, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित होगा और भविष्य में बेतरतीब निर्माण के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याओं से बचा जा सकेगा।
क्या बदलेगा?
गांवों में मकान बनाने से पहले नक्शा मंजूर कराना पड़ सकता है।
1,000 वर्ग मीटर से कम भूमि के नक्शे ग्रामीण विकास विभाग मंजूर करेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में भवन निर्माण के लिए स्पष्ट नियम बनेंगे।
अनियोजित और अवैध निर्माण पर नियंत्रण लगेगा।
गांवों का विकास अधिक व्यवस्थित और योजनाबद्ध तरीके से होगा।






