कोरम पूरा न होने पर सोलन मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव टला! बिंदल ने बताया संविधान से खिलवाड़
सोलन: नगर निगम सोलन में मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव नहीं होने को लेकर सियासी पारा गरम है. डीसी सोलन मनमोहन शर्मा ने नगर निगम सभागार में सभी 17 नवनिर्वाचित पार्षदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ तो दिला दी, लेकिन महापौर और उप महापौर का चुनाव कोरम पूरा न होने के कारण स्थगित करना पड़ा. इस घटनाक्रम के बाद भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर सीधा हमला बोला है.
डीसी सोलन मनमोहन शर्मा ने वार्ड 1 से नीलम, वार्ड 2 से सुषमा शर्मा, वार्ड 3 से गौरव, वार्ड 4 से रोहित भारद्वाज, वार्ड 5 से प्रियंका, वार्ड 6 से रेखा साहनी, वार्ड 7 से पूजा, वार्ड 8 से सुरेन्द्र कुमार, वार्ड 9 से मीनाक्षी शर्मा, वार्ड 10 से अंकुश सूद, वार्ड 11 से सरिता, वार्ड 12 से प्रियंका अग्रवाल, वार्ड 13 से नरेन्द्र कुमार, वार्ड 14 से सुलक्षणा, वार्ड 15 से अभिषेक, वार्ड 16 से सीमा और वार्ड 17 से अरुणा को शपथ दिलाई.
सोलन डीसी ने मनमोहन शर्मा कहा कि नगर निगम सोलन के जो पार्षद हैं, उन्हें शपथ दिलाई गई है. सभी 17 पार्षदों ने आज शपथ ले ली है. उसके बाद हमने आधे घंटे का समय मेयर और डिप्टी मेयर के निर्वाचन के लिए वक्त दिया था. लेकिन कुछ पार्षद बैठक में दोबारा हाजिर नहीं हुए. जिसकी वजह से कोरम पूरा न होने पर बैठक को स्थगित कर दिया गया. अब मेयर और डिप्टी मेयर का जो चुनाव है, वो 2 जुलाई को 3 बजे रखा गया है".
सोलन डीसी ने बताया कि हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 36 और निर्वाचन नियम 2012 के नियम 81 के तहत महापौर चुनाव के लिए कुल 17 पार्षदों में से तीन-चौथाई यानी 13 पार्षदों का कोरम जरूरी है. अब 2 जुलाई 2026 को दोपहर 3 बजे फिर से बैठक बुलाई है. उसी दिन नियम 81-ए और 81-बी के तहत महापौर और नियम 81-सी के तहत उप महापौर का चुनाव होगा.
वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने दो दिन पहले ही सोलन पहुंचकर आरोप लगाया था कि कांग्रेस सरकार जानबूझकर चुनाव टाल रही है. ताकि वह चुनाव हाईजैक कर सके. डॉ. बिंदल ने कहा, “सोलन, मंडी, धर्मशाला में भाजपा का पूर्ण बहुमत है. सरकार षड्यंत्र के तहत चुनावी प्रक्रिया से टल रही है. पार्षदों पर अतिक्रमण की कार्रवाई कर चुने हुए प्रतिनिधियों का अपमान किया जा रहा है. ना एसडीएम बदला, ना तहसीलदार, फिर जीत के बाद अतिक्रमण क्यों दिखा? भाजपा चुप नहीं बैठेगी”.
बता दें कि सियासी गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब शपथ के लिए सभी 17 पार्षद मौजूद थे, तो महापौर चुनाव के वक्त कोरम क्यों नहीं पूरा हुआ? क्या कुछ पार्षद जानबूझकर गैरहाजिर रहे? भाजपा इसे ‘सरकार प्रायोजित षड्यंत्र’ बता रही है.






