चंबा में फ्लैश फ्लड का तांडव! पंगोला नाला में बाढ़ से चंबा-तीसा मार्ग बंद; 55 पंचायतों का संपर्क कटा
चंबा: हिमाचल प्रदेश में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और इसके साथ ही भारी बारिश, भूस्खलन तथा फ्लैश फ्लड की घटनाओं ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में लगातार हो रही बारिश के कारण सड़कें अवरुद्ध हो रही हैं और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इसी कड़ी में चंबा जिले के चंबा-तीसा मुख्य मार्ग पर स्थित पंगोला नाला में अचानक फ्लैश फ्लड आने से मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया है। प्रशासन ने एहतियातन इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोक दी है, जिससे क्षेत्र की हजारों की आबादी प्रभावित हुई है।
55 पंचायतों की लाइफलाइन बाधित
पंगोला नाला में आए फ्लैश फ्लड के कारण चंबा-तीसा मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है। यह सड़क क्षेत्र की लगभग 55 पंचायतों के लिए जीवनरेखा मानी जाती है। मार्ग बंद होने से लोगों को आवागमन, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और दैनिक गतिविधियों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
रविवार देर रात चंबा जिले में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहा, जिसके चलते कई स्थानों पर सड़कें बाधित हुईं और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
तीन दिन के भीतर मशीनरी तैनात करने के निर्देश
मानसून के दौरान बार-बार मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग (PWD) को सख्त निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों को आगामी तीन दिनों के भीतर उन संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी और एलएनटी मशीनें तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां भारी बारिश के दौरान सड़कें सबसे अधिक प्रभावित होती हैं।
प्रशासन का उद्देश्य है कि आपदा की स्थिति में तत्काल राहत एवं बहाली कार्य शुरू किया जा सके, ताकि लोगों को लंबे समय तक परेशानियों का सामना न करना पड़े। इसके अलावा आपदा मित्र भी पूरे मानसून सीजन के दौरान राहत और बचाव कार्यों में अपनी सेवाएं देंगे।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
उपमंडल चुराह के एसडीएम राजेश कुमार जरियाल ने बताया कि मानसून को लेकर सभी विभागों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग को आगामी तीन दिनों के भीतर अपनी मशीनरी रणनीतिक स्थानों पर तैनात करने को कहा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सड़क बहाली का कार्य शुरू किया जा सके।
उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान लोगों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सभी संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
लगातार हो रही बारिश और फ्लैश फ्लड की घटनाओं ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन की चुनौतियों को उजागर कर दिया है। ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभागों की त्वरित तैयारी ही लोगों को राहत पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।






