हिमाचल में मंत्रिमंडल विस्तार के आसार: इसी माह भर सकता है खाली कैबिनेट पद, फेरबदल भी होगा
हिमाचल प्रदेश की राजनीति में जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। प्रदेश में इसी माह मंत्रिमंडल विस्तार होने की संभावना जताई जा रही है, वहीं कैबिनेट में फेरबदल के संकेत भी सामने आए हैं। इस संभावित राजनीतिक हलचल को लेकर कांग्रेस संगठन और सरकार के भीतर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल 16 और 17 जुलाई को धर्मशाला दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह प्रदेश कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) की बैठक में भाग लेंगे और पार्टी नेताओं व पदाधिकारियों से प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों पर फीडबैक लेंगे।
शनिवार को शिमला स्थित राजीव भवन में आयोजित कांग्रेस संगठन पदाधिकारियों की आम सभा के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया कि मंत्रिमंडल में एक पद अभी रिक्त है और उसे भरना आवश्यक है। हालांकि उन्होंने कहा कि इस संबंध में अंतिम निर्णय कांग्रेस हाईकमान द्वारा ही लिया जाएगा।
वहीं कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल ने भी मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल की अटकलों को पूरी तरह खारिज नहीं किया। उन्होंने संकेत दिए कि इस दिशा में विचार किया जा सकता है और पार्टी नेतृत्व इस पर उचित समय पर फैसला लेगा।
वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और नौ कैबिनेट मंत्रियों सहित कुल 11 सदस्य मंत्रिमंडल का हिस्सा हैं, जबकि संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार राज्य में अधिकतम 12 सदस्यीय मंत्रिमंडल हो सकता है। ऐसे में एक कैबिनेट पद अभी भी खाली है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस रिक्त पद के लिए कुल्लू सदर से विधायक सुंदर ठाकुर और ज्वालामुखी से विधायक संजय रतन प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं। अब प्रदेश की निगाहें धर्मशाला में प्रस्तावित पीएसी बैठक और कांग्रेस हाईकमान के अंतिम फैसले पर टिकी हुई हैं, जिससे हिमाचल की सियासत में नए समीकरण उभर सकते हैं।






