हिमाचल में बारिश बनी आफत: तीन दिन में 11 की मौत, 60 सड़कें बंद, 8 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर तबाही का कारण बनता नजर आ रहा है। प्रदेश में आगामी 8 जुलाई तक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 3, 5 और 6 जुलाई के लिए भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि अन्य दिनों में भी कई जिलों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने का पूर्वानुमान है।
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश, भूस्खलन और नदी-नालों के उफान पर आने से प्रदेश के कई हिस्सों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सड़क संपर्क बाधित होने, बिजली और पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने से लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।
तीन दिन में 11 लोगों की मौत, 12 घायल
मानसून सीजन की शुरुआत के साथ ही प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं का सिलसिला तेज हो गया है। बीते तीन दिनों के भीतर विभिन्न हादसों में 11 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 12 लोग घायल हुए हैं। कई स्थानों पर बादल फटने, भूस्खलन और तेज बहाव की घटनाओं ने लोगों को दहशत में डाल दिया है।
राजस्व विभाग के अनुसार, बारिश के कारण अब तक एक कच्चा मकान पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है, जबकि सात कच्चे मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा दो गौशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को नुकसान उठाना पड़ा है।
60 सड़कें बंद, बिजली और पानी की आपूर्ति प्रभावित
प्रदेश में भारी बारिश के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग-5 सहित 60 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण सड़कें मलबे से भर गई हैं और वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है।
वहीं, 48 बिजली ट्रांसफार्मर ठप होने से अनेक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसके अलावा 27 पेयजल योजनाएं भी बाधित हो गई हैं, जिससे लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश, अचानक बाढ़, भूस्खलन और नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी की चेतावनी दी है। विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों के किनारे न जाने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
प्रशासन ने भी संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और आपदा प्रबंधन दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।






