हमीरपुर की री पंचायत में चुनाव बहिष्कार, 288 मतदाताओं ने नहीं डाला एक भी वोट
हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के दौरान जहां प्रदेशभर में मतदान को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखने को मिला, वहीं हमीरपुर जिले की री पंचायत से एक बिल्कुल अलग तस्वीर सामने आई। री पंचायत के वार्ड नंबर-1 में ग्रामीणों ने पंचायती राज चुनाव का पूरी तरह बहिष्कार कर दिया। हैरानी की बात यह रही कि वार्ड के 288 मतदाताओं में से एक भी व्यक्ति वोट डालने मतदान केंद्र नहीं पहुंचा। पूरे दिन मतदान केंद्र सूना पड़ा रहा और चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारी मतदाताओं का इंतजार करते रहे।
जानकारी के अनुसार प्रशासन की ओर से मतदान केंद्र पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। सुरक्षा कर्मियों से लेकर चुनाव कर्मचारियों तक की तैनाती की गई थी, लेकिन इसके बावजूद ग्रामीणों ने मतदान प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है और कई बार मांग उठाने के बावजूद समाधान नहीं हुआ। इसी नाराजगी के चलते लोगों ने चुनाव बहिष्कार का फैसला लिया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं की कमी बनी हुई है। सड़क, पेयजल, बिजली और अन्य विकास कार्यों को लेकर कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने मांग रखी गई, लेकिन स्थिति जस की तस बनी रही। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया जाएगा, तब तक वे इसी तरह विरोध जारी रखेंगे।
चुनाव बहिष्कार की खबर सामने आने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों में भी हलचल मच गई। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग अपने फैसले पर अड़े रहे। पूरे दिन मतदान केंद्र पर सन्नाटा पसरा रहा और एक भी वोट नहीं पड़ा।
प्रदेश में जहां अधिकांश पंचायतों में मतदान प्रतिशत बढ़ाने को लेकर चुनाव आयोग लगातार लोगों को जागरूक कर रहा था, वहीं री पंचायत का यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है। राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी इस घटना को गंभीरता से देखा जा रहा है। कई लोग इसे ग्रामीणों की नाराजगी और व्यवस्था के प्रति बढ़ते असंतोष के रूप में देख रहे हैं।






