हिम अकादमी पब्लिक स्कूल में 'कृत्रिम बुद्धिमत्ता' पर क्षमता निर्माण पर एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित
हिम अकादमी पब्लिक स्कूल विकासनगर में बुधवार को कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर एकदिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को एआई के क्षेत्र में नवीनतम जानकारी प्रदान करना तथा शिक्षा में इसके व्यावहारिक प्रयोग के लिए उन्हें सक्षम बनाना था। इस एकदिवसीय कार्यशाला में दो विशिष्ट अतिथि विशेषज्ञ रिसोर्सपर्सन के रूप में उपस्थित रहे। जगदीप शर्मा पीजीटी कंप्यूटर साइंस एवं जीएवी पब्लिक स्कूल, कांगड़ा के आईसीटी विभागाध्यक्ष तथा आदित्य शर्मा सीबीएसई के प्रमुख परीक्षक (मूल्यांकन) के रूप में उपस्थित रहे। दोनों विशेषज्ञों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के शैक्षिक दृष्टिकोण को सरल, व्यावहारिक और रुचिकर ढंग से प्रस्तुत किया, जिससे प्रतिभागी शिक्षकों को विषय की गहराई को समझने में सहायता मिली। इस कार्यशाला में हिम अकादमी पब्लिक स्कूल के लगभग 60 शिक्षकों ने भाग लिया। विद्यालय प्रधानाचार्या इंजीनियर नैना लखनपाल, अकादमिक प्रधानाचार्य डॉ. हिमांशु शर्मा, उपप्रधानाचार्य अश्वनी कुमार तथा अकादमिक समन्वयक विनिता गुप्ता की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यशाला के आयोजन को विशेष स्वरूप प्रदान किया। कार्यशाला के दौरान व शेषज्ञों द्वारा शिक्षकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता की परिभाषा, इसकी आवश्यकता, वर्तमान और भविष्य में इसकी उपयोगिता, शिक्षा में इसके संभावित उपयोग और कक्षा शिक्षण में एआई टूल्स के प्रभावशाली समावेश पर विस्तृत रूप से मार्गदर्शन दिया गया। सत्र को संवादात्मक और सहभागी रूप में आयोजित किया गया, जहां शिक्षकों ने अपनी जिज्ञासाओं का समाधान पाया और एआई आधारित शिक्षण को लेकर नई दृष्टि प्राप्त की। विशेषज्ञों ने चैट जीपीटी, गूगल एआई टूल, इमेज रिकोनाइजेशन सॉफ्टवेयर और अन्य उपयोगी टूल्स का प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया, जिससे शिक्षकों को व्यावहारिक समझ विकसित करने में सहायता मिली। सत्र के दौरान कार्यशालाएं, समूह चर्चाएं तथा अभ्यास कार्यों के माध्यम से प्रतिभागियों को एआई के साथ हाथों-हाथ अनुभव भी कराया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागी शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा किए और इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम न केवल उनकी तकनीकी समझ को विकसित करने में सहायक रहा, बल्कि यह शिक्षण में नवाचार लाने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम भी सिद्ध हुआ। यह आयोजन हिम अकादमी पब्लिक स्कूल की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके अंतर्गत वह अपने शिक्षकों को आधुनिक तकनीकों से लैस कर उन्हें भविष्य की शिक्षा प्रणाली के अनुरूप सशक्त बना रहा है।












