टिहरा जिला परिषद वार्ड में त्रिकोणीय मुकाबला, भाजपा-कांग्रेस के साथ 'समर्पित परिवार' की प्रतिष्ठा भी दांव पर
विधायक के कामकाज, भाजपा की अंदरूनी एकजुटता और भूपेंद्र सिंह के जनाधार पर भी होगा बड़ा राजनीतिक परीक्षण
रितेश चौहान, अनंत ज्ञान। सरकाघाट
पंचायती राज चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन टिहरा जिला परिषद वार्ड से मुकाबला पूरी तरह दिलचस्प और त्रिकोणीय हो गया है। भाजपा समर्थित उम्मीदवार बंदना गुलेरिया, कांग्रेस समर्थित अनिता देवी और स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में रजिता वर्मा ने नामांकन दाखिल किया है। अब इस वार्ड में चुनाव सिर्फ राजनीतिक दलों के बीच नहीं, बल्कि “अधिकृत”, “समर्पित” और “सहानुभूति आधारित” उम्मीदवारों के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई बनता नजर आ रहा है।
भाजपा की ओर से बंदना गुलेरिया को मैदान में उतारा गया है। नामांकन से एक दिन पहले ही पूर्व मंत्री ठाकुर महेंद्र सिंह को स्वयं टिहरा मंडल की बैठक में पहुंचकर कार्यकर्ताओं को एकजुट होने का आह्वान करना पड़ा। राजनीतिक गलियारों में इसे भाजपा के भीतर बढ़ती असहजता और आंतरिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
चर्चा इस बात की भी है कि पिछले विधानसभा चुनाव में “पुत्र मोह” के आरोप झेल चुके पूर्व मंत्री इस बार अपनी बेटी बंदना गुलेरिया के लिए पूरी ताकत झोंकते दिखाई दे रहे हैं। खास बात यह रही कि धर्मपुर क्षेत्र के अन्य उम्मीदवारों के लिए उन्होंने इस तरह की सक्रियता नहीं दिखाई, जिससे राजनीतिक संदेश साफ माना जा रहा है।
भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती “अपने” घर से
इस चुनाव में भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती पार्टी से जुड़े पुराने और समर्पित परिवार से सामने आई है। भाजपा समर्थक माने जाने वाले कर्मवीर वर्मा परिवार की बहू रजिता वर्मा ने स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में ताल ठोक दी है। इससे मुकाबला सीधे भाजपा समर्थित बंदना गुलेरिया और “समर्पित परिवार” की उम्मीदवार रजिता वर्मा के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है।
सूत्रों के अनुसार टिहरा भाजपा मंडल की बैठक में कुछ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बंदना गुलेरिया के व्यवहार और कार्यशैली को लेकर सवाल भी उठाए। हालांकि पूर्व मंत्री ठाकुर महेंद्र सिंह ने कार्यकर्ताओं को शांत करते हुए पुराने मतभेद भुलाकर एकजुटता से चुनाव लड़ने का आह्वान किया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन परिस्थितियों ने साफ कर दिया है कि बंदना गुलेरिया की राह इस बार आसान नहीं रहने वाली।
कांग्रेस ने सहानुभूति कार्ड पर खेला दांव
दूसरी ओर कांग्रेस ने दिवंगत प्रभास राणा की पत्नी अनिता देवी को उम्मीदवार बनाया है। प्रभास राणा छात्र जीवन में वामपंथी विचारधारा से जुड़े रहे और बाद में कांग्रेस में शामिल हुए थे। वर्ष 2023 की आपदा के दौरान नलयाना क्षेत्र में लोगों की मदद करते समय उनकी मौत हो गई थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस ने इस चुनाव में सहानुभूति की रणनीति अपनाई है। पार्टी को उम्मीद है कि प्रभास राणा की छवि और उनकी दुखद मृत्यु से जुड़ी भावनात्मक लहर का लाभ अनिता देवी को मिल सकता है।
इसके साथ ही यह भी माना जा रहा है कि प्रभास राणा का सीटू और वामपंथी संगठनों से जुड़ाव होने के कारण पूर्व जिला पार्षद भूपेंद्र सिंह और उनके समर्थकों का झुकाव भी इस चुनाव में अहम भूमिका निभा सकता है। हालांकि अभी तक भूपेंद्र सिंह या उनके संगठन की ओर से कोई औपचारिक समर्थन घोषित नहीं किया गया है।
विधायक के कामकाज पर भी जनता का फैसला
टिहरा जिला परिषद वार्ड का यह चुनाव स्थानीय विधायक के कामकाज पर भी एक तरह का जनमत संग्रह माना जा रहा है। लंबे समय बाद क्षेत्र में कांग्रेस का विधायक होने के बावजूद विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में क्षेत्र में विकास कार्यों की गति बेहद धीमी रही और उपलब्धियों के नाम पर जनता के सामने ठोस तस्वीर नहीं है।
वहीं कांग्रेस मंडल अध्यक्ष पर भी क्षेत्र में नाराजगी की चर्चा है। ऐसे में राजनीतिक हलकों में यह माना जा रहा है कि कांग्रेस ने विकास और सरकार की उपलब्धियों के बजाय सहानुभूति के आधार पर चुनावी रणनीति बनाई है।
सोशल मीडिया पर भी कांग्रेस समर्थकों द्वारा प्रभास राणा की तस्वीरों और भावनात्मक संदेशों के जरिए वोट मांगने की चर्चा जोरों पर है। कई जगह इसे “प्रभास राणा को श्रद्धांजलि” के रूप में प्रचारित किया जा रहा है।
भूपेंद्र सिंह का रुख बनेगा निर्णायक
अब पूरे चुनाव की सबसे दिलचस्प कड़ी पूर्व जिला पार्षद भूपेंद्र सिंह और उनके संगठन का रुख माना जा रहा है। टिहरा जिला परिषद वार्ड में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है और क्षेत्र के समीकरणों पर उनका प्रभाव भी स्पष्ट दिखाई देता है।
हालांकि उन्होंने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन राजनीतिक जानकार मानते हैं कि उनका समर्थन जिस ओर जाएगा, वहां मुकाबला काफी मजबूत हो सकता है।
अब देखना यह होगा कि टिहरा जिला परिषद वार्ड के मतदाता भाजपा की अधिकृत उम्मीदवार बंदना गुलेरिया, समर्पित परिवार की उम्मीदवार रजिता वर्मा या सहानुभूति आधारित कांग्रेस उम्मीदवार अनिता देवी में से किसे अपना समर्थन देते हैं।






