वल्लभ कॉलेज मंडी में अश्वगंधा जागरूकता कार्यशाला संपन्न
. 500 विद्यार्थियों को किया गया जागरूक
वनस्पति विज्ञान विभाग, वल्लभ राजकीय महाविद्यालय मंडी द्वारा आयोजित अश्वगंधा जागरूकता कार्यशाला का समापन वीरवार को उत्साह एवं जोश के साथ सम्पन्न हुआ। यह पांच दिवसीय कार्यशाला 11 से 16 अक्टूबर तक आयोजित की गई। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड तथा आयुष मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से संपन्न हुआ। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को अश्वगंधा पौधे के औषधीय, पोषणीय, आर्थिक एवं व्यावहारिक महत्व से अवगत कराना तथा उन्हें इसके स्वरोजगार एवं स्वास्थ्य संवर्धन से जोड़ना रहा। समापन सत्र के मुख्य अतिथि वल्लभ राजकीय महाविद्यालय, मंडी के प्राचार्य डॉ. संजीव कुमार रहे। इस अवसर पर प्रो. बलदीव, प्रो. चमन प्रेम, प्रो. सुनील सेन एवं प्रो. नीतू पठानिया सहित अनेक संकाय सदस्य उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि डॉ. संजीव कुमार ने कहा कि विद्यार्थी अपने बुजुर्गों से जड़ी-बूटियों का पारंपरिक ज्ञान प्राप्त करें, जिससे न केवल उनका स्क्रीन टाइम कम होगा, बल्कि वे परिवार के वरिष्ठ सदस्यों के साथ भी अधिक समय व्यतीत कर सकेंगे। इस पांच दिवसीय कार्यशाला के दौरान कुल 500 विद्यार्थियों को अश्वगंधा के औषधीय एवं आर्थिक महत्व के प्रति जागरूक किया गया। कार्यशाला का संचालन डॉ. तारा (प्रधान अन्वेषक) द्वारा किया गया, जिन्होंने विद्यार्थियों को अश्वगंधा पौधे के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी और बताया कि अश्वगंधा एक प्रसिद्ध औषधीय पौधा है जो शरीर को शक्ति और मानसिक शांति प्रदान करता है। यह मधुमेह, थायरॉइड और हृदय संबंधी रोगों में लाभकारी है।












