बिलासपुर न्यूज : भारी बारिश के बीच घरों की बढ़ी दरारें, डर के साए में आधी रात को टनल में शरण, प्रशासन से लिखित सुरक्षा की मांग पर अड़े प्रभावित परिवार
भानुपल्ली-बैरी रेल लाइन की टनल नंबर-17 से प्रभावित नोग, बध्यात, टिक्कर गांव के लोगों का धरना करीब एक माह से जारी है। शनिवार रात को हुई बारिश से धरना दे रहे लोगों की परेशानी और भी बढ़ गई। शनिवार रात को हुई तेज बारिश के दौरान टनल के ऊपर बने घरों की दरारें बढ़ीं तो लोग उन्हें छोड़ कर रात करीब 12:00 बजे निर्माणाधीन टनल के मुहाने पर पहुंचे। बाहर भारी बारिश होने के चलते प्रभावित परिवार की मुखिया सावित्री देवी, रामलाल, सुरेंद्र कुमार और गरजा राम अपने परिजनों के साथ निर्माणाधीन टनल के अंदर धरने पर बैठ गए। हालांकि कुछ देर बाद पुलिस ने उन्हें उठा भी दिया। इसके बाद इन परिवारों ने टनल के बाहर धरना स्थल पर रात गुजारी। इन लोगों का कहना था कि नोग गांव में शनिवार रात को सावित्री देवी के मकान का एक हिस्सा धंस गया। इससे उनका डर और बढ़ गया। वह बाहर निकल कर सुरक्षित जगह की तरफ भागे। इसके बाद टनल के अंदर पहुंचे। कहा कि शनिवार दिन में प्रशासन की ओर से भेजा गया एक पत्र उन्हें मिला है। पत्र में बताया गया है कि जो घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनकी मरम्मत कराई जाएगी। मरम्मत कराने के लिए पत्र के माध्यम से उनकी सहमति मांगी गई है। लेकिन असली समस्या तो जमीन धंसने की है। टनल निर्माण के दौरान लगातार जमीन धंस रही है। उस जगह पर नए मकान भी बनाए नहीं जा सकते हैं। घरों की मरम्मत कराने के बाद कोई हादसा नहीं होगा, इस बात को लिखित में प्रशासन उन्हें दे। यदि कोई हादसा होता है तो उसकी भी जिम्मेदारी ले। वहीं, रविवार सुबह पूर्व विधायक बंबर ठाकुर भी नोग गांव पहुंचे। उन्होंने क्षतिग्रस्त हुए घरों का मुआयना किया। उन्होंने कहा कि रेल कंपनी क्षतिग्रस्त हुए घरों का मुआवजा दे, अन्यथा वह लोगों के साथ टनल का निर्माण रूकवाएंगे। उधर, टनल प्रभावित मंच के अध्यक्ष अजय कुमार ने कहा कि बारिश के चलते रविवार को रखी गई किसान महापंचायत का आयोजन नहीं हो पाया है। मंच ने तय किया है कि मंगलवार को विशेष बैठक का आयोजन किया जाएगा, जिसमें रणनीति बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने लोगों के घरों में आई दरारों के मामले को नजरअंदाज किया है। जोर जबरदस्ती से कंपनी के दबाव में एक बार फिर निर्माण कार्य दिन-रात शुरू कर दिया गया है, जबकि भारी बारिश की वजह से घरों में नई दरारें आ गई हैं। प्रशासन आंखें मूंदकर जनता की आवाज कुचलने के लिए पुलिस की तैनाती कर चैन की नींद सो गया है। जबकि प्रभावित परिवारों के बच्चे और बुजुर्ग पिछले लगभग एक महीने से सो भी नहीं पा रहे हैं। आम जनता इन लोगों के साथ है, लेकिन जिम्मेदार लोग भाग कर अपने घरों में आराम फरमा रहे हैं।












