हिमाचल में होगा प्रशासनिक पुनर्गठन, उपमंडल-तहसीलों की सीमाएं बदलने की तैयारी
शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। प्रदेश में उपमंडलों, विकास खंडों, तहसीलों और उपतहसीलों के पुनर्गठन को लेकर सरकार जल्द ही बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके लिए राज्य सरकार एक विशेष आयोग का गठन करेगी, जो पूरे प्रदेश में प्रशासनिक सीमाओं की समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा।
सरकार की मंजूरी मिलने के बाद इस संबंध में जल्द अधिसूचना जारी की जाएगी। आयोग प्रदेश के विभिन्न जिलों में मौजूद उपमंडलों, विकास खंडों, तहसीलों और उपतहसीलों की वर्तमान स्थिति का अध्ययन करेगा। साथ ही यह देखा जाएगा कि किन क्षेत्रों में लोगों को प्रशासनिक सेवाएं लेने में अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और किन इलाकों में सीमाओं के कारण आम जनता को अनावश्यक दूरी तय करनी पड़ती है।
दरअसल प्रदेश के कई ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में लोग लंबे समय से प्रशासनिक पुनर्गठन की मांग उठा रहे हैं। कई गांव ऐसे हैं जहां लोगों को अपने संबंधित उपमंडल या तहसील कार्यालय तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है, जबकि पास के दूसरे उपमंडल या तहसील कार्यालय तक पहुंचना अधिक आसान होता है। लेकिन प्रशासनिक सीमाओं के बंधन के कारण लोगों को दूर स्थित कार्यालयों में ही जाना पड़ता है। इससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है।
सरकार का मानना है कि बदलती आबादी, बढ़ते शहरीकरण और भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासनिक ढांचे में बदलाव जरूरी हो गया है। आयोग इस बात का भी अध्ययन करेगा कि किन क्षेत्रों में नए उपमंडल, तहसील या विकास खंड बनाए जाने की आवश्यकता है और किन स्थानों की सीमाओं में बदलाव किया जा सकता है।
सूत्रों के अनुसार आयोग अपनी रिपोर्ट में प्रशासनिक इकाइयों की दूरी, जनसंख्या, भौगोलिक स्थिति, सड़क संपर्क और लोगों की सुविधाओं जैसे पहलुओं को ध्यान में रखेगा। रिपोर्ट आने के बाद सरकार नए प्रशासनिक ढांचे को लेकर अंतिम फैसला लेगी। माना जा रहा है कि इस कदम से प्रदेश के लाखों लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ लेने में आसानी होगी और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता व तेजी आएगी।






