हिमाचल में बहाल हुई विधायक निधि, पहली किस्त जारी; अब हर MLA को सालाना मिलेंगे 1.10 करोड़ रुपये
शिमला: वित्तीय चुनौतियों और प्राकृतिक आपदा के कठिन दौर से गुजरने के बाद हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रदेश के विधायकों को बड़ी राहत देते हुए विधायक क्षेत्र विकास निधि (एमएलए फंड) को फिर से बहाल कर दिया है। पिछले करीब छह माह से बंद पड़ी इस निधि की पहली किस्त जारी कर दी गई है, जिससे प्रदेशभर में रुके विकास कार्यों को दोबारा गति मिलने की उम्मीद जगी है।
योजना विभाग ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सभी 68 विधायकों को पहली किस्त के रूप में 27.50-27.50 लाख रुपये जारी किए हैं। इस तरह कुल 18.70 करोड़ रुपये की राशि प्रदेश के विधायकों को उपलब्ध करवाई गई है। मुख्यमंत्री, मंत्रियों और सभी विधायकों को यह राशि अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों पर खर्च करने के लिए दी गई है।
आपदा और आर्थिक संकट के कारण बंद हुई थी निधि
गौरतलब है कि वर्ष 2025 में मानसून के दौरान प्रदेश में आई भीषण आपदा और राज्य की बिगड़ती वित्तीय स्थिति को देखते हुए सरकार ने विधायक क्षेत्र विकास निधि पर रोक लगा दी थी। उस समय सरकार का ध्यान राहत एवं पुनर्वास कार्यों पर केंद्रित था। इसके चलते कई विधानसभा क्षेत्रों में छोटे-बड़े विकास कार्य प्रभावित हुए थे।
अब सरकार ने आर्थिक स्थिति में कुछ सुधार आने के बाद इस निधि को दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया है, जिससे स्थानीय स्तर पर विकास योजनाओं को नया बल मिलेगा।
निधि में की गई 50 फीसदी कटौती
हालांकि सरकार ने निधि बहाल करने के साथ-साथ इसमें कटौती भी की है। पहले प्रत्येक विधायक को विकास कार्यों के लिए सालाना 2.20 करोड़ रुपये मिलते थे, लेकिन वित्तीय संतुलन बनाए रखने के लिए इस राशि को घटाकर 1.10 करोड़ रुपये प्रति विधायक कर दिया गया है।
यानी इस वर्ष प्रत्येक विधायक को पहले की तुलना में आधी राशि ही उपलब्ध होगी। सरकार का मानना है कि इससे विकास कार्य भी जारी रहेंगे और राज्य के वित्तीय संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव भी नहीं पड़ेगा।
रुके विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार
विधायक क्षेत्र विकास निधि बहाल होने से प्रदेश के सभी 68 विधानसभा क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, सामुदायिक भवन, खेल मैदान, स्ट्रीट लाइट, नालियां और अन्य स्थानीय विकास परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से निधि बंद होने के कारण कई छोटे विकास कार्य अटके हुए थे, जिन्हें अब आगे बढ़ाया जा सकेगा।
सरकार के इस फैसले को विकास कार्यों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे स्थानीय स्तर पर जनता की जरूरतों से जुड़े कई कार्यों को जल्द पूरा करने में मदद मिलेगी।






