हिमाचल के युवा वैज्ञानिक का कमाल! AI से दूध में मिलावट पकड़कर उसे शुद्ध करेगा 'लेक्टो प्योर' डिवाइस
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) से ऑर्गेनिक केमिस्ट्री में पीएचडी कर चुके शिमला निवासी सुमित राणा ने एक ऐसा AI आधारित 'लेक्टो प्योर' डिवाइस विकसित किया है, जो दूध में मौजूद यूरिया, डिटर्जेंट, सिंथेटिक फैट समेत अन्य मिलावटी तत्वों की पहचान कर उन्हें अलग करने में सक्षम होगा। इस नवाचार के प्रोटोटाइप को भारतीय पेटेंट कार्यालय से डिजाइन और उत्पादन का पेटेंट भी मिल चुका है।
मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना के तहत एनआईटी हमीरपुर के इनक्यूबेशन सेंटर में विकसित इस प्रोजेक्ट को दो लाख रुपये की इग्निशन ग्रांट मिली, जिसके बाद इसका प्रोटोटाइप तैयार हुआ और पहले चरण का परीक्षण सफल रहा।
डिवाइस में लगे AI सेंसर सबसे पहले दूध का रियल-टाइम विश्लेषण करेंगे। मिलावट मिलने पर मेम्ब्रेन फिल्ट्रेशन सिस्टम स्वतः सक्रिय होकर हानिकारक तत्वों को अलग कर देगा और कुछ ही मिनटों में अपेक्षाकृत अधिक शुद्ध दूध उपलब्ध कराएगा।
फिलहाल इसकी लागत करीब 35 हजार रुपये है, लेकिन बड़े स्तर पर उत्पादन शुरू होने के बाद इसे करीब 10 हजार रुपये तक लाने का लक्ष्य रखा गया है। घरेलू मॉडल करीब 10 मिनट में एक लीटर दूध शुद्ध कर सकेगा, जबकि डेयरी प्लांट के लिए उच्च क्षमता वाले मॉडल भी विकसित किए जा रहे हैं।






