मानसून की पहली बारिश में किन्नौर का रिस्पा गांव दुनिया से कटा, उफनाई चेरंग खड्ड ने बहाया एकमात्र सड़क मार्ग
किन्नौर। हिमाचल प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही आपदा का दौर भी शुरू हो गया है। जनजातीय जिला किन्नौर में मानसून की शुरुआती बारिश ने ही भारी तबाही मचानी शुरू कर दी है। जिले की रिस्पा स्थित चेरंग खड्ड आधी रात को उफान पर आ गई है, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें अचानक बढ़ गई हैं।
चेरंग खड्ड में पानी का बहाव इतना तेज़ है कि रिस्पा गांव को जोड़ने वाला एकमात्र सड़क मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इसके चलते रिस्पा गांव का संपर्क बाकी दुनिया से पूरी तरह कट गया है और ग्रामीणों को आवागमन सहित रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर चिंता सताने लगी है।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी इसी क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई थी। उस दौरान चेरंग खड्ड पर बना मजबूत लोहे का पुल भी तेज बहाव में ताश के पत्तों की तरह बह गया था। इसके बाद प्रशासन ने ग्रामीणों की सुविधा के लिए एक अस्थायी मार्ग तैयार किया था, लेकिन मानसून की पहली ही बारिश ने इस अस्थायी रास्ते को भी अपने साथ बहा दिया।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि उफान पर चल रहे नदी-नालों, संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों और भूस्खलन संभावित स्थानों से दूरी बनाए रखें तथा मौसम विभाग और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें।
मानसून की शुरुआत में ही किन्नौर में पैदा हुए इन हालात ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों की संवेदनशीलता और आपदा प्रबंधन की चुनौतियों को उजागर कर दिया है।






