खाद्य तेल की पेटी में गड़बड़झाला! 12 की जगह निकल रहे 11 पाउच, डिपो धारकों का फूटा गुस्सा
हमीरपुर। हिमाचल डिपो संचालक समिति ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने की नसीहत दी है। समिति ने आरोप लगाया है कि निगम के गोदामों से डिपुओं को भेजी जा रही राशन सामग्री में लगातार कम मात्रा सामने आ रही है। ताजा मामला कुल्लू जिले के बंजार ब्लॉक का है, जहां खाद्य तेल की एक पेटी में निर्धारित 12 पाउच के बजाय केवल 11 पाउच मिले हैं।
डिपो संचालक समिति का कहना है कि इस तरह की शिकायतें पहले भी कई बार सामने आ चुकी हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। समिति के मुताबिक खाद्य तेल के अलावा आटे समेत अन्य राशन सामग्री भी कई बार निर्धारित मात्रा से कम पहुंचने के मामले सामने आए हैं।
गौरतलब है कि गत माह भी डिपो संचालक समिति ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के गोदामों से डिपुओं तक कम राशन पहुंचने की शिकायत सरकार और विभाग से की थी। इसके बाद निदेशक खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा प्रबंध निदेशक खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम ने गोदाम प्रभारियों को डिपो धारकों को राशन तौलकर देने के कड़े निर्देश जारी किए थे। इसके बावजूद डिपुओं तक कम राशन पहुंचने का सिलसिला जारी रहने पर समिति ने नाराजगी जताई है।
समिति के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कवि ने कहा कि बंजार में सामने आया मामला कोई अकेला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई स्थानों पर राशन की मात्रा कम मिलने की शिकायतें सामने आती रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि डिपो संचालकों को बार-बार इस तरह की समस्याओं से जूझना पड़ेगा तो उनके लिए यह काम करना मुश्किल हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि डिपो संचालन पहले ही घाटे का सौदा साबित हो रहा है। इसमें परेशानियां अधिक हैं और लाभ बहुत कम। ऐसे में यदि राशन की सप्लाई में भी कमी और अनियमितताएं सामने आती रहेंगी तो डिपो संचालकों का काम और मुश्किल हो जाएगा।
अशोक कवि ने सरकार और विभाग से मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि निगम के स्तर पर राशन की तौल और सप्लाई व्यवस्था को सख्ती से सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ और डिपो संचालकों को इसी तरह परेशानियों का सामना करना पड़ा, तो संचालक डिपुओं के लिए राशन उठाना बंद करने को मजबूर हो सकते हैं।






