तिब्बत को अलग देश का दर्जा देने की मांग, चंबा में तिब्बती समुदाय ने उठाई आवाज
प्रेस वार्ता में चीन की नीतियों पर जताया रोष, संस्कृति, भाषा और धार्मिक पहचान की स्वतंत्रता के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की अपील
चंबा। जिला मुख्यालय चंबा में मंगलवार को तिब्बती समुदाय की ओर से प्रेस वार्ता आयोजित कर तिब्बत के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया। समुदाय के प्रतिनिधियों ने तिब्बत को अलग देश का दर्जा देने की मांग करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तिब्बती लोगों के अधिकारों और उनकी पहचान के संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की।
प्रेस वार्ता के दौरान तिब्बती प्रतिनिधियों ने कहा कि तिब्बत की विशिष्ट संस्कृति, भाषा, परंपराओं और धार्मिक पहचान को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि चीन की नीतियों के कारण तिब्बती समुदाय लंबे समय से विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना कर रहा है।
प्रतिनिधियों ने कहा कि तिब्बती लोगों को अपनी भाषा, संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ाने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तिब्बत के मुद्दे को गंभीरता से उठाने और तिब्बती लोगों की आवाज को मजबूती प्रदान करने की मांग की।
शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखने का ऐलान
तिब्बती समुदाय के प्रतिनिधियों ने चंबा में आयोजित विरोध कार्यक्रमों और रैली को लेकर भी जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि तिब्बत के समर्थन और चीन की नीतियों के विरोध में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज बुलंद की जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि तिब्बती समुदाय का उद्देश्य अपने अधिकारों, संस्कृति और पहचान की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण संघर्ष को जारी रखना है। प्रतिनिधियों ने कहा कि तिब्बत के भविष्य और वहां के लोगों के अधिकारों का मुद्दा केवल तिब्बती समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे वैश्विक स्तर पर गंभीरता से उठाए जाने की आवश्यकता है।
प्रेस वार्ता के दौरान तिब्बती समुदाय के प्रतिनिधियों ने लोगों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तिब्बत की आवाज को समर्थन देने की अपील की।






