हिमाचल: आज बाजार जाने से पहले जेब में रखें कैश, UPI समेत डिजिटल भुगतान से कारोबारियों का एकदिवसीय विरोध; खरीदारी पर पड़ सकता है असर
हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार को बाजार जाने वाले ग्राहकों को डिजिटल भुगतान को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। प्रदेशभर के कारोबारी यूपीआई और अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों का इस्तेमाल नहीं करने का निर्णय लेकर एकदिवसीय विरोध में शामिल हो रहे हैं। कारोबारियों के अनुसार यह विरोध सरकार की ओर से 15 अक्तूबर से प्रस्तावित व्यवस्था के खिलाफ 2 अक्तूबर को किया जा रहा है।
हड़ताल का सीधा असर बाजार में खरीदारी करने वाले ग्राहकों पर पड़ सकता है। रोजमर्रा के सामान से लेकर बड़ी खरीदारी तक के लिए बड़ी संख्या में लोग मोबाइल से यूपीआई भुगतान करते हैं, लेकिन विरोध के दौरान कई कारोबारी डिजिटल भुगतान स्वीकार नहीं करेंगे। ऐसे में ग्राहकों को खरीदारी के लिए पर्याप्त नकदी साथ रखने की जरूरत होगी।
मोबाइल से भुगतान नहीं हुआ तो एटीएम का रुख
पिछले कुछ वर्षों में यूपीआई लोगों की रोजमर्रा की भुगतान व्यवस्था का हिस्सा बन गया है। बड़ी संख्या में लोग बिना ज्यादा नकदी रखे मोबाइल से भुगतान कर देते हैं। ऐसे में शुक्रवार को डिजिटल भुगतान उपलब्ध नहीं होने पर बिना कैश बाजार पहुंचने वाले ग्राहकों को परेशानी हो सकती है। नकदी की जरूरत पड़ने पर उन्हें नजदीकी एटीएम का रुख करना पड़ सकता है।
कारोबारी संगठनों ने ग्राहकों से बाजार जाने से पहले जरूरत के मुताबिक पर्याप्त नकदी साथ रखने की अपील की है।
कचहरी व्यापार मंडल भी विरोध में शामिल
कचहरी व्यापार मंडल के अध्यक्ष मुनीष लुथरा ने बताया कि वीरवार शाम तक स्थानीय स्तर पर हड़ताल को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी। बाद में राज्य व्यापार मंडल के अध्यक्ष के साथ बातचीत के बाद स्थानीय व्यापार मंडल ने भी एकदिवसीय विरोध में समर्थन देने का निर्णय लिया।
राज्य व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुमेश कुमार शर्मा के अनुसार प्रदेशभर में एक दिन तक यूपीआई के माध्यम से लेन-देन नहीं किया जाएगा। कारोबारियों का कहना है कि यह विरोध प्रस्तावित व्यवस्था के खिलाफ दर्ज कराया जा रहा है।
कारोबारी बोले—यूपीआई सुविधाजनक, लेकिन नकदी की भी जरूरत
नूरपुर के कारोबारी अजय कटोच ने कहा कि यूपीआई ग्राहकों के लिए काफी सुविधाजनक है। कई बार ग्राहक कैश लेकर नहीं आते, लेकिन मोबाइल से भुगतान कर देते हैं, जिससे खरीदारी पूरी हो जाती है। हालांकि उनका कहना है कि छोटे कारोबारियों के लिए लेन-देन का रिकॉर्ड और बैंकिंग से जुड़ी औपचारिकताएं संभालना चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं।
नूरपुर के कारोबारी राजकुमार ने कहा कि कारोबारी यूपीआई के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन छोटे भुगतान में नकद भी सुविधाजनक है। नेटवर्क की समस्या होने पर डिजिटल भुगतान रुक सकता है, जबकि नकद भुगतान में ऐसी परेशानी नहीं होती।
धर्मशाला में भी कैश भुगतान की तैयारी
धर्मशाला के कारोबारी अनुप गुप्ता ने बताया कि एक दिन के विरोध के चलते ग्राहकों से केवल नकद भुगतान लिया जाएगा। उन्होंने ग्राहकों से बाजार निकलने से पहले पर्याप्त नकदी साथ रखने की अपील की।
वहीं कारोबारी गगनदीप ने कहा कि सरकार की ओर से प्रस्तावित यूपीआई टैक्स का कारोबारी विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विरोध के तहत भुगतान केवल नकद में लेने का निर्णय किया गया है।
ग्राहकों के लिए जरूरी बात
शुक्रवार को बाजार जाने वाले ग्राहकों को यह ध्यान रखना होगा कि मोबाइल में यूपीआई ऐप मौजूद होने के बावजूद हर दुकान पर डिजिटल भुगतान उपलब्ध नहीं होगा। इसलिए घर से निकलने से पहले जरूरत के मुताबिक नकदी साथ रखना उपयोगी रहेगा। नकदी कम पड़ने पर एटीएम से पैसे निकालने की जरूरत पड़ सकती है।
हालांकि हड़ताल का प्रभाव कितना व्यापक रहेगा, यह संबंधित बाजारों और स्थानीय व्यापारिक संगठनों की भागीदारी पर निर्भर करेगा।






