EWS कोटे में फर्जीवाड़े का आरोप: TGT मेडिकल शिक्षकों पर विजिलेंस का शिकंजा, चार से हुई पूछताछ
मंडी: आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) आरक्षण का कथित तौर पर गलत लाभ उठाकर TGT मेडिकल शिक्षक की नौकरी हासिल करने के मामले में विजिलेंस ब्यूरो ने जांच तेज कर दी है। मामले में कार्रवाई करते हुए विजिलेंस की टीम ने चारों आरोपी शिक्षकों को मंडी स्थित कार्यालय में तलब कर उनसे विस्तृत पूछताछ की। साथ ही उनके EWS प्रमाणपत्रों से जुड़े दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड भी अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में विजिलेंस यह पता लगा रही है कि आरोपियों द्वारा प्रस्तुत किए गए EWS प्रमाणपत्र वास्तविक हैं या नियमों के विपरीत बनवाए गए थे। यदि जांच में दस्तावेजों में गड़बड़ी और लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो चारों शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा।
2022 भर्ती बैच से जुड़ा है मामला
यह मामला 2022 के भर्ती बैच से संबंधित है। आरोप है कि जिन चार अभ्यर्थियों का चयन हुआ, उन्हें 2024 में TGT मेडिकल शिक्षक के पद पर नियुक्ति मिली। शिकायत के अनुसार, इन शिक्षकों ने नियुक्ति के दौरान फर्जी या अपात्र EWS प्रमाणपत्र जमा किए, जबकि वे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए निर्धारित पात्रता मानकों को पूरा नहीं करते थे।
रिकॉर्ड की गहन जांच जारी
विजिलेंस अब प्रमाणपत्रों की सत्यता, आय संबंधी दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड का मिलान कर रही है। जांच पूरी होने के बाद यदि आरोप प्रमाणित होते हैं, तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ उनकी नियुक्ति पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।






