धर्मशाला में सड़क हादसे में घायल स्कूटी सवार की मौत, गुस्साए परिजनों ने शव सड़क पर रखकर किया प्रदर्शन
शीला चौक पर चैतड़ू-शीला दाड़ी मार्ग जाम, परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का लगाया आरोप; बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी और कार्रवाई की मांग
धर्मशाला में सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल स्कूटी सवार व्यक्ति की टांडा अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो उठे। पंचनामा प्रक्रिया के बाद परिजनों ने शव को शीला चौक पर सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे चैतड़ू-शीला दाड़ी मार्ग पर यातायात बाधित हो गया।
स्थिति को देखते हुए एसडीएम धर्मशाला और एएसपी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे परिजनों से बातचीत कर यातायात बहाल करने की अपील की।
पत्नी और तीन बच्चों का छिना सहारा
मृतक अपने पीछे पत्नी, दो छोटी बच्चियों और एक बेटे को छोड़ गया है। परिजनों का कहना है कि परिवार का मुख्य सहारा चले जाने से बच्चों के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है। मृतक की पत्नी ने हादसे में न्याय और परिवार के लिए आर्थिक सहायता की मांग की है।
डॉक्टर की कार से हादसा होने का आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया कि हादसा टांडा अस्पताल की एक महिला चिकित्सक की कार से हुआ। उनका कहना है कि दुर्घटना के समय कार में दो अन्य चिकित्सक भी मौजूद थे। घायल को पहले जोनल अस्पताल धर्मशाला ले जाया गया, जहां से परिजन उसे फोर्टिस अस्पताल ले जाना चाहते थे।
हालांकि, परिजनों के अनुसार साथ मौजूद चिकित्सकों ने खुद डॉक्टर होने का हवाला देते हुए घायल को टांडा अस्पताल ले जाने की सलाह दी और वहां सर्जरी होने की बात कही। परिजनों का आरोप है कि इस दौरान उन्हें गुमराह किया गया।
परिजनों की मांग- दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई
परिजन दुर्घटना करने वाली चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और यह भी पता लगाया जाए कि वाहन चलाते समय चालक नशे में तो नहीं थी। साथ ही जिन चिकित्सकों पर गुमराह करने का आरोप लगाया गया है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है।
परिजनों ने सरकार और प्रशासन से मृतक के बच्चों की पढ़ाई तथा परिवार के भविष्य के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक उन्हें न्याय का भरोसा नहीं मिलता, तब तक वे प्रदर्शन जारी रखेंगे।






