जयंती पर याद आए ‘राजा साहब’: हिमाचल के जननायक वीरभद्र सिंह को नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक युग का नाम रहे पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की जयंती पर पूरे प्रदेश ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। छह बार मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन हिमाचल के विकास और जनसेवा में उनके योगदान की छाप आज भी लोगों के दिलों में जीवित है।
देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रेरणा से राजनीति में आए वीरभद्र सिंह ने अपना पूरा जीवन जनता की सेवा को समर्पित कर दिया। अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने हिमाचल प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और जनता के बीच "राजा साहब" के नाम से विशेष पहचान बनाई।
विक्रमादित्य सिंह ने पिता को किया याद
लोक निर्माण मंत्री एवं वीरभद्र सिंह के पुत्र विक्रमादित्य सिंह ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करते हुए कहा कि शारीरिक रूप से दूर हो जाने से रिश्ते खत्म नहीं होते, बल्कि यादों में और मजबूत हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि उनके पिता सत्य, सेवा और समर्पण की जीवंत मिसाल थे और आज भी लाखों लोगों के दिलों पर राज करते हैं। उन्होंने उनकी विरासत को पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ाने का संकल्प भी दोहराया।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने किया नमन
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वीरभद्र सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने अपने समर्पण और नेतृत्व से हिमाचल प्रदेश के विकास को नई दिशा प्रदान की। प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक ताने-बाने को मजबूत बनाने में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
डिप्टी सीएम और नेता प्रतिपक्ष ने भी दी श्रद्धांजलि
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने वीरभद्र सिंह को "आधुनिक हिमाचल का शिल्पकार" बताते हुए उन्हें शत-शत नमन किया। वहीं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि प्रदेश के विकास और जनसेवा के प्रति उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।






