'खालसा एंट्री टैक्स' विवाद पर गरमाई सियासत, जगत नेगी बोले- यह सोची-समझी साजिश
शिमला: हिमाचल-पंजाब सीमा पर निहंग सिख संगठनों द्वारा कथित तौर पर 'खालसा एंट्री टैक्स' वसूले जाने का मामला अब राजनीतिक रंग पकड़ता जा रहा है। हिमाचल प्रदेश सरकार के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने इस पूरे घटनाक्रम को एक सोची-समझी साजिश करार देते हुए भाजपा और अकाली दल पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
जगत सिंह नेगी ने कहा कि हाल ही में कसौल में बिना लाइसेंसी हथियार से फायरिंग की घटना सामने आई थी, जिसमें एक स्थानीय युवक घायल हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना के तुरंत बाद सीमा पर 'खालसा टैक्स' की वसूली शुरू होना कई सवाल खड़े करता है और यह सब एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है।
राजस्व मंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य सरकार को कानून के तहत टैक्स लगाने का अधिकार होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश में एंट्री टैक्स कोई नई व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह पहले भाजपा सरकार और पंजाब में अकाली दल की सरकार के समय भी लागू था। नेगी ने आरोप लगाया कि अब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होने के कारण भाजपा और अकाली दल मिलकर सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सीमा पर इस तरह का 'खालसा टैक्स' वसूलना पूरी तरह गलत और तर्कहीन है। मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी इस मुद्दे को लेकर पंजाब सरकार से बात की है और मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है।
जगत सिंह नेगी ने उम्मीद जताई कि पंजाब सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द आवश्यक कदम उठाएगी, ताकि सीमा पर किसी भी प्रकार की अवैध वसूली पर रोक लगाई जा सके।






