शहरी निकाय चुनाव में उम्मीदवार तक तय नहीं कर पाई कांग्रेस, अब कर रही जीत का दावा : राजीव बिंदल
शिमला। हिमाचल प्रदेशमें नगर निकाय चुनाव परिणामों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। दोनों दल अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि जिस पार्टी ने चुनावों में अपने उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची तक जारी नहीं की, वह अब जीत का दावा कैसे कर रही है। उन्होंने कहा कि नगर निकाय चुनावों में भाजपा की जीत कांग्रेस सरकार के खिलाफ जनता का जनमत संग्रह है।
शिमला में भाजपा मुख्यालय दीपकमल में सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बिंदल ने कहा कि नगर निकाय चुनावों में भाजपा को प्रदेशभर में जनता का व्यापक समर्थन मिला है। उन्होंने दावा किया कि 25 नगर परिषदों की 229 सीटों में भाजपा ने 120 सीटों पर जीत दर्ज कर नया राजनीतिक इतिहास बनाया है, जबकि कांग्रेस को 89 सीटें मिलीं और 20 सीटों पर अन्य उम्मीदवार विजयी रहे। उन्होंने कहा कि नगर पंचायतों में भी भाजपा ने कई स्थानों पर बढ़त हासिल की है।
बिंदल ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव के दौरान आधिकारिक तौर पर अपने उम्मीदवार घोषित नहीं किए थे। पार्टी नेताओं ने मीडिया के सामने कहा था कि इच्छुक कार्यकर्ता स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ सकते हैं। ऐसे में अब कांग्रेस का जीत का दावा करना जनता को भ्रमित करने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने उन उम्मीदवारों को कांग्रेस समर्थित माना है, जिनके खिलाफ भाजपा ने चुनाव लड़ा और उसी आधार पर परिणामों का विश्लेषण किया जा रहा है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेश की सुक्खू सरकार नगर निकाय और पंचायतीराज चुनावों को लगातार टालती रही। उन्होंने कहा कि ये चुनाव अक्टूबर-नवंबर 2025 में होने चाहिए थे, लेकिन सरकार चुनाव कराने से बच रही थी। उनके मुताबिक बाद में उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद चुनाव प्रक्रिया शुरू करनी पड़ी।
बिंदल ने कहा कि भाजपा ने चुनाव घोषित होने के बाद पूरे प्रदेश में प्रभारी, सह-प्रभारी और चुनावी टीमें बनाकर व्यापक स्तर पर काम किया। उन्होंने दावा किया कि जनता ने कांग्रेस सरकार के तीन साल के कार्यकाल के खिलाफ मतदान किया है। उन्होंने प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति, बढ़ते माफिया राज, गैंगवार, विकास कार्यों में कमी, संस्थानों को बंद करने, महंगाई और बिजली-पानी व परिवहन किरायों में बढ़ोतरी जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव परिणाम आने के बाद कांग्रेस सरकार में बेचैनी बढ़ गई है और मंत्री, विधायक तथा अधिकारी भाजपा समर्थित विजयी पार्षदों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
बिंदल ने कहा कि चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के चुनाव नियमों में बदलाव कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से निष्पक्षता बनाए रखने और संविधान के अनुसार काम करने की अपील भी की।






