नगर निगम चुनाव प्रचार में हेलिकॉप्टर और सरकारी वाहन नहीं इस्तेमाल कर सकेंगे मुख्यमंत्री और मंत्री
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला, सोलन, पालमपुर और मंडी नगर निगम चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। सभी राजनीतिक दलों ने चुनाव प्रचार को तेज कर दिया है और अब बड़े नेताओं के चुनावी दौरों की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री 14 और 15 मई को चुनाव प्रचार अभियान में उतरेंगे। इस दौरान वह विभिन्न नगर निगम क्षेत्रों में जनसभाएं, रोड शो और पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार करेंगे। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही नगर निगम चुनावों को प्रतिष्ठा का चुनाव मानकर पूरी ताकत झोंक रही हैं।
हालांकि चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण मुख्यमंत्री, मंत्रियों और अन्य जनप्रतिनिधियों को प्रचार के दौरान सरकारी हेलिकॉप्टर, सरकारी वाहन और अन्य सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल से बचना होगा। निर्वाचन आयोग के स्पष्ट निर्देश हैं कि यदि किसी राजनीतिक दल या उम्मीदवार द्वारा चुनाव प्रचार में सरकारी संसाधनों का उपयोग किया जाता है, तो उसका पूरा खर्च संबंधित दल या उम्मीदवार के चुनावी खर्च में जोड़ा जाएगा। ऐसे मामलों पर आयोग की विशेष निगरानी रहेगी।
निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रचार के दौरान सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त व्यवस्था लागू की है। आयोग की टीमें लगातार प्रचार अभियान, वाहनों, जनसभाओं, रोड शो और चुनावी खर्च पर नजर बनाए हुए हैं। चुनावी सभाओं में इस्तेमाल होने वाले वाहनों, मंचों, प्रचार सामग्री और अन्य व्यवस्थाओं का भी रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है ताकि आचार संहिता का उल्लंघन न हो।
उधर राजनीतिक दलों ने भी चुनाव प्रचार को धार देने के लिए वरिष्ठ नेताओं की ड्यूटी तय कर दी है। विभिन्न नगर निगम क्षेत्रों में स्टार प्रचारकों के दौरे प्रस्तावित हैं और पार्टी संगठन स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में नगर निगम चुनावों का प्रचार अभियान और अधिक तेज होने की संभावना है।






