HP Panchayat Election: फाइनल वोटर लिस्ट जारी,आज लग सकती है आचार संहिता
हिमाचल प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायतीराज संस्थाओं की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है। प्रदेश की पंचायतों में इस बार लगभग 51 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें करीब 50 हजार ऐसे मतदाता भी शामिल हैं जिनकी आयु 85 वर्ष से अधिक है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। बुजुर्ग मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्थाएं किए जाने की तैयारी भी की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, राज्य निर्वाचन आयोग मंगलवार को पंचायत चुनाव का विस्तृत शेड्यूल जारी कर सकता है। वहीं चुनावी प्रक्रिया को लेकर प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय हो गया है।
प्रदेशभर में मतदान सामग्री, विशेषकर मतपेटियों को सुरक्षित रूप से स्ट्रांग रूम तक पहुंचा दिया गया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी तैयारियां तय समयसीमा के भीतर पूरी कर ली जाएंगी। इस बार चुनावी प्रक्रिया के लिए लगभग 56 हजार कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी, जो मतदान, मतगणना और अन्य व्यवस्थाओं को संभालेंगे।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने पुलिस मुख्यालय से 15 हजार पुलिस कर्मियों की मांग की है। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी।
आयोग का कहना है कि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी के तहत सभी जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। आचार संहिता लागू होने के बाद राजनीतिक गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। प्रदेश में चुनावी माहौल लगातार गरमाता जा रहा है, और संभावित उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय हो गए हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव सुरजीत राठौर ने बताया कि फाइनल मतदाता सूची जारी करने की अंतिम तिथि 28 अप्रैल तय की गई थी, और सभी जिलों ने सूची जारी कर दी है।
चुनावी नियमों से जुड़ी अहम बातें:
1. एक से अधिक पदों पर चुनाव लड़ने की अनुमति
हिमाचल पंचायत चुनाव में कोई भी उम्मीदवार एक से अधिक पदों पर चुनाव लड़ सकता है, लेकिन चुनाव परिणाम के बाद उसे केवल एक पद ही चुनना होगा।
2. सरकारी सेवा से हटाए गए व्यक्ति पर रोक
सरकारी सेवा से हटाया गया व्यक्ति पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकता। यदि कोई आपत्ति दर्ज होती है तो उसका नामांकन रद्द किया जा सकता है।
3. शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य नहीं
पंचायतीराज चुनाव में शैक्षणिक योग्यता की कोई बाध्यता नहीं है। अनपढ़ व्यक्ति भी चुनाव लड़ सकता है।
4. सरकारी कर्मचारी एजेंट नहीं बन सकते
सरकारी नौकरी में कार्यरत व्यक्ति यदि किसी उम्मीदवार का एजेंट बनता है तो उसे तीन साल की सजा का प्रावधान है।
5. सरकारी अनुदान/मानदेय प्राप्त व्यक्ति अयोग्य
राज्य या केंद्र सरकार से मानदेय या अनुदान प्राप्त करने वाले व्यक्ति पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकते। चुनाव लड़ने के लिए उन्हें पहले अपनी नौकरी या पद छोड़ना होगा।
प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और आने वाले दिनों में चुनावी सरगर्मी और बढ़ने की संभावना है।












