लैपटॉप योजना में बड़ा बदलाव, हिमाचल सरकार अब मेधावी छात्रों के खातों में डालेगी 16 हजार
शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार की मेधावी विद्यार्थियों के लिए संचालित टैबलेट-लैपटॉप योजना में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। शिक्षा विभाग अब विद्यार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए कूपन या ई-वाउचर देने के बजाय सीधे उनके बैंक खातों में 16 हजार रुपये ट्रांसफर करने की तैयारी कर रहा है। इस संबंध में शिक्षा निदेशालय ने प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेज दिया है। अंतिम फैसला सरकार की मंजूरी के बाद लिया जाएगा।
प्रदेश में दसवीं, बारहवीं और कॉलेज स्तर के करीब 10 हजार मेधावी विद्यार्थियों को डिजिटल उपकरण उपलब्ध करवाने की घोषणा की गई थी। इसके तहत चयनित कंपनियों के माध्यम से लैपटॉप और टैबलेट वितरित किए जाने थे, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बढ़ती कीमतों ने पूरी योजना की रफ्तार धीमी कर दी।
मार्च 2026 में सरकार ने पात्र विद्यार्थियों को 16-16 हजार रुपये के ई-वाउचर जारी किए थे। विद्यार्थियों ने इन वाउचरों के माध्यम से लैपटॉप और टैबलेट की बुकिंग भी करवा दी थी, लेकिन दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अधिकांश विद्यार्थियों को उपकरण नहीं मिल पाए। इतना ही नहीं, कई विद्यार्थियों के रिडीम कार्ड भी निष्क्रिय हो गए, जिससे वे वाउचर राशि का उपयोग नहीं कर सके।
स्थिति को देखते हुए शिक्षा विभाग अब सीधे लाभ हस्तांतरण (DBT) मॉडल अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। विभाग ने सभी जिलों से पात्र विद्यार्थियों का विस्तृत ब्योरा मांगा है और आरटीजीएस के माध्यम से राशि भेजने की संभावनाएं तलाश रहा है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो विद्यार्थी अपनी पसंद और जरूरत के अनुसार लैपटॉप, टैबलेट या अन्य डिजिटल उपकरण खरीद सकेंगे।
पश्चिम एशिया युद्ध का भी पड़ा असर
सूत्रों के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। लैपटॉप और टैबलेट के दाम लगातार बढ़ने से चयनित कंपनियों ने पुरानी दरों पर उपकरण उपलब्ध कराने में असमर्थता जताई है। कंपनियों का कहना है कि बढ़ी हुई रैम, स्टोरेज और अन्य हार्डवेयर लागत के चलते पहले तय की गई कीमतों पर उपकरण देना संभव नहीं है।
गौरतलब है कि कांग्रेस सरकार के तीन वर्ष पूरे होने के अवसर पर दिसंबर 2025 में मंडी से इस योजना की शुरुआत की गई थी। अब सरकार विद्यार्थियों को सीधे आर्थिक सहायता देकर योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि मेधावी विद्यार्थियों को डिजिटल उपकरण उपलब्ध करवाने के लिए सभी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। सरकार जल्द ही इस संबंध में अंतिम निर्णय लेकर विद्यार्थियों को राहत प्रदान करेगी।






