भाजपा कर रही ध्रुवीकरण की राजनीति, हिमाचल में नहीं चलने देंगे नफरत की सियासत: CM सुक्खू
शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश में हाल के दिनों में गरमाए हिंदू-मुस्लिम विवाद को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा राजनीतिक लाभ के लिए इस संवेदनशील मुद्दे को अनावश्यक रूप से तूल दे रही है और हिमाचल की शांतिपूर्ण छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रही है।
हिमाचल में नहीं चलने देंगे नफरत की सियासत
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की पहचान सदियों से आपसी भाईचारे, सामाजिक सौहार्द और सभी धर्मों के सम्मान की रही है। देवभूमि की संस्कृति हमेशा लोगों को जोड़ने वाली रही है, लेकिन कुछ राजनीतिक ताकतें अपने स्वार्थ के लिए समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश सरकार किसी भी कीमत पर प्रदेश के सौहार्दपूर्ण वातावरण को बिगड़ने नहीं देगी।
कानून से ऊपर कोई नहीं
शिमला के संजौली में हाल ही में हुए विवाद और उसके बाद नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में किए गए चक्का जाम पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने और विरोध करने का अधिकार है, लेकिन यह अधिकार संविधान और कानून की सीमाओं के भीतर ही प्रयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों और सड़कों को जाम कर आम लोगों, मरीजों, कर्मचारियों और स्कूली बच्चों को परेशानी में डालना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं ठहराया जा सकता।
मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी को भी अराजकता फैलाने, माहौल खराब करने या कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। सरकार ऐसे मामलों में सख्ती से कार्रवाई करेगी।
भाजपा कर रही ध्रुवीकरण की राजनीति
भाजपा पर ध्रुवीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की लगभग 97 प्रतिशत आबादी हिंदू है, इसके बावजूद भाजपा यहां हिंदू-मुस्लिम राजनीति को हवा देने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार हिंदू हितों और धार्मिक आस्थाओं के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, लेकिन साथ ही सभी धर्मों और समुदायों के प्रति समान सम्मान और न्याय की नीति पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता विकास, रोजगार और जनकल्याण के मुद्दों पर राजनीति चाहती है, न कि धर्म और समुदाय के नाम पर समाज को बांटने वाली सियासत। उन्होंने लोगों से भी शांति, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की।






