ईएमई कोर का 83वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया
. पूर्व सैनिकों ने साझा की यादें, देशसेवा के संकल्प को दोहराया
इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर (ईएमई) कोर का 83वां स्थापना दिवस बुधवार को होटल सिटी हार्ट, पधर में बड़े उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कैप्टन प्रेम सिंह ने की। इस अवसर पर कैप्टन हेमराज, सूबेदार मेजर सुरेंद्र पाल, सूबेदार मेजर देवेंद्र कुमार, नायब सूबेदार रूप सिंह पटियाल, नायक रवि सिंह, नायक वीरेंद्र चौहान और नायक कंवर सिंह पूर्व सैनिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने से हुई। इसके पश्चात कैप्टन प्रेम सिंह ने कहा कि ईएमई कोर भारतीय सेना की रीढ़ है, जो आधुनिक युद्धक उपकरणों, संचार तंत्रों और वाहनों की तकनीकी देखरेख करती है। उन्होंने कहा कि ईएमई के सैनिक न केवल तकनीकी विशेषज्ञ होते हैं, बल्कि वे हर परिस्थिति में सेना की कार्यक्षमता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर उपस्थित सभी सेवानिवृत्त अधिकारियों ने अपने सेवाकाल के अनुभव साझा किए और साथ बिताए सुनहरे पलों को याद किया। सभी ने देश की एकता, अखंडता और सेवा भावना को बनाए रखने का संकल्प भी दोहराया। गौरतलब है कि ईएमई कोर की स्थापना वर्ष 1942 में ब्रिटिश भारतीय सेना के अंतर्गत की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य सेना को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना था। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से अब तक इस कोर ने आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में असाधारण उपलब्धियां हासिल की हैं। वर्तमान में यह भारतीय सेना की तकनीकी शक्ति का प्रमुख स्तंभ माना जाता है। कार्यक्रम के अंत में सभी पूर्व सैनिकों ने स्थापना दिवस का केक काटा और एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं।












