हिमाचल में साइबर अपराधों में उछाल ने डराया
देवभूमि हिमाचल प्रदेश अब साइबर अपराधियों के निशाने पर है। साल 2025 में अब तक, इंटरनेट ब्राउजिंग से संबंधित साइबर अपराधों में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई है। इस अवधि में राज्य भर से 1204 शिकायतें सामने आई हैं। इन मामलों में फर्जी वेबसाइटों, फिशिंग लिंक, दुर्भावनापूर्ण पॉप-अप और ऑनलाइन धोखाधड़ी के जरिए लोगों को ठगा जा रहा है, जिससे आम जनता के लिए इंटरनेट का उपयोग और भी जोखिम भरा हो गया है। यह चौंकाने वाला आंकड़ा साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के लिए भी चिंता का विषय बन गया है। 2025 वर्ष के पहले पांच महीनों में दर्ज किए गए साइबर क्राइम के मामले, पिछले पूरे साल (2024) में दर्ज कुल 3,261 शिकायतों का लगभग 37 प्रतिशत है। यह वृद्धि दर्शाती है कि प्रदेश में साइबर अपराधी कितनी तेजी से अपनी पहुंच बढ़ा रहे हैं और नई-नई तरकीबों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। इन सभी शिकायतों को टोल-फ्री साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दर्ज किया गया है।
ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए बरतें ये सावधानियां
राज्य सीआईडी की साइबर क्राइम सेल ने नागरिकों को इन जालसाजों से बचाने के लिए तत्काल दिशा-निर्देश जारी किए हैं। साइबर सेल ने विशेष रूप से इंटरनेट ब्राउज करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। किसी भी वेबसाइट पर जाने से पहले उसके यूनिफॉर्म रिसोर्स लोकेटर (यूआरएल) को बेहद ध्यान से देखें। मामूली बर्तनी संबंधी बदलावों पर नजर रखें। संदिग्ध वेबसाइटों की स्कैनिंग जैसी प्रतिष्ठित सेवाओं का उपयोग करके किसी भी संदिग्ध वेबसाइट को स्कैन करें।
अपराधी लापरवाही व जागरूकता की कमी का उठा रहे फायदा
साइबर क्राइम के डीआईजी मोहित चावला ने मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस डिजिटल युग में जब लगभग हर कोई दैनिक आधार पर इंटरनेट का उपयोग करता है, शिकायतों की बढ़ती संख्या इस बात का प्रमाण है कि इंटरनेट ब्राउज करते समय अत्यधिक सतर्क रहने और साइबर अपराधियों द्वारा बिछाए गए जाल में न फंसने की कितनी आवश्यकता है। डीआईजी चावला ने इस बात पर जोर दिया कि साइबर अपराधी अक्सर उपयोगकर्ताओं की लापरवाही या जागरूकता की कमी का फायदा उठाकर उन्हें वित्तीय और व्यक्तिगत रूप से नुकसान पहुंचाते हैं। डीआईजी चावला ने हिमाचल प्रदेश के लोगों से साइबर सेल द्वारा जारी इन सुरक्षा दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन करने और किसी भी संदिग्ध या संभावित हानिकारक ऑनलाइन गतिविधि की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर देने की अपील की है।












