शिमला: दो महीने से वेतन को तरस रहीं नर्सें, IGMC-KNH में आउटसोर्स स्टाफ परेशान
राजधानी शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) और कमला नेहरू अस्पताल (केएनएच) में आउटसोर्स पर तैनात नर्सिंग स्टाफ पिछले दो महीनों से वेतन के इंतजार में है। फरवरी के बाद अब तक 95 स्टाफ नर्सों को सैलरी नहीं मिली है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
जानकारी के अनुसार, इन 95 नर्सों में से 60 आईजीएमसी और 35 केएनएच में सेवाएं दे रही हैं। दिन-रात और आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों की देखभाल करने के बावजूद नर्सों को अपने हक के वेतन के लिए भटकना पड़ रहा है।
नर्सों ने कई बार अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सा अधीक्षक को अपनी समस्या से अवगत करवाया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया। मजबूर होकर उन्होंने प्रबंधन को ज्ञापन सौंपते हुए जल्द वेतन जारी करने की मांग की है।
नर्सों का कहना है कि वे दूरदराज के इलाकों से शिमला आकर किराये के कमरों में रह रही हैं। लगातार दो महीने से वेतन न मिलने के कारण उनके लिए किराया, भोजन और घर का खर्च चलाना बेहद मुश्किल हो गया है।
इस मामले में केएनएच के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुंदर नेगी ने बताया कि ठेकेदार से बात की गई है और उसने आश्वासन दिया है कि 10 अप्रैल तक सभी नर्सों के खातों में वेतन डाल दिया जाएगा।
अब देखना यह होगा कि नर्सों को कब तक उनका बकाया वेतन मिल पाता है या उन्हें आगे भी संघर्ष करना पड़ता है।












