वहां से गोली चले, तो यहां से गोला चलाएं, प्रधानमंत्री के तीनों सेनाओं और सुरक्षा बलों को सख्त कार्रवाई के निर्देश
प्रधानमंत्री मोदी ने तीनों सेनाओं और सुरक्षा बलों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि 'वहां से गोली चलेगी, यहां से गोला चलेगा'। यानी अब भारत रक्षात्मक नहीं रहेगा, बल्कि आक्रामक नीति अपनाएगा। सूत्रों ने यह भी बताया कि पाकिस्तान को यह समझना होगा कि अब पुराने तरीके से काम नहीं चलेगा। वहीं, पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से साफ कहा था कि अगर पाकिस्तान कुछ करता है तो जवाब और भी विनाशकारी और कड़ा होगा। उसी रात पाकिस्तान ने 26 ठिकानों पर हमला किया और भारत ने इस पर जोरदार जवाबी कार्रवाई की। भारत का संदेश बिलकुल साफ है कि अब अगर पाकिस्तान गोली चलाएगा, तो भारत दोगुनी ताकत से जवाब देगा। वहीं, जब तक पीओके का मुद्दा हल नहीं होता, तब तक कोई भी बातचीत, मेल-मिलाप या समझौता संभव नहीं है।
ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं : सरकार
भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच सरकारी सूत्रों ने साफ कर दिया है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' अब भी जारी है। यह कोई एक दिन की कार्रवाई नहीं थी, बल्कि अब इसे भारत-पाक रिश्तों का नया दौर कहा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, यह स्थिति अब स्थायी रूप से बनी रहेगी और दुनिया को इसे 'नए सामान्य' की तरह स्वीकार करना होगा। वहीं, भारतीय वायुसेना ने रविवार को लोगों से कहा है कि वे अटकलें न लगाएं। यह भी कहा है कि बिना जांची-परखी खबरों को न फैलाएं।
दोनों देशों के एनएसए के बीच नहीं हुई वार्ता
सूत्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच न तो राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (एनएसए) और न ही विदेश मंत्रियों के स्तर पर कोई वार्ता हुई है। सिर्फ दोनों देशों के सेना संचालन महानिदेशकों के बीच सीमित स्तर पर संवाद हुआ। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से यह स्पष्ट कर दिया है कि अब आतंकवाद का जवाब निर्णायक सैन्य कार्रवाई से ही दिया जाएगा। यह एक नए भारत का स्वरूप है, जहां बातचीत नहीं परिणाम दिए जाते हैं।
भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत इन तीन उद्देश्यों को किया पूरा :
- सैन्य उद्देश्य
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि मिट्टी में मिला देंगे। भारत ने बहावलपुर, मुरिदके और मुजफ्फराबाद में मौजूद आतंकी शिविरों को पूरी तरह तबाह कर दिया। यह एक स्पष्ट सैन्य संदेश था- आतंक का स्रोत कहीं भी हो, भारत उसे नष्ट कर देगा।
- राजनीतिक उद्देश्य
भारत ने पहली बार सिंधु जल संधि को सीमा पार आतंकवाद से जोड़ दिया है। अब यह संधि तब तक निलंबित रहेगी, जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं करता। यह एक मजबूत और निर्णायक कूटनीतिक संदेश है।
- मनोवैज्ञानिक उद्देश्य
प्रधानमंत्री ने कहा कि घुस के मारेंगे। भारत ने पाकिस्तान के भीतर घुसकर हमला किया और उसकी रणनीतिक रीढ़ को हिला दिया। यह सिर्फ भौतिक नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक रूप से भी पाकिस्तान को झटका देने वाली कार्रवाई थी।












