BPL चयन में बड़ा बदलाव: अब इन नए परिवारों को भी मिलेगा सूची में शामिल होने का मौका
शिमला। शिमला से एक अहम खबर सामने आई है, जहां हिमाचल प्रदेश सरकार ने गरीब परिवारों के हित में बड़ा फैसला लिया है। अब मनरेगा में सिर्फ 5 दिन काम करने वाले परिवारों को भी बीपीएल सूची में प्राथमिकता देने की तैयारी है। इससे हजारों जरूरतमंद परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण विकास विभाग ने बीपीएल (Below Poverty Line) परिवारों के चयन के नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन का प्रस्ताव सरकार को भेजा है। नए प्रावधान के तहत अब ऐसे परिवार भी बीपीएल सूची में शामिल किए जा सकेंगे, जिनके सभी वयस्क सदस्यों ने पिछले वित्तीय वर्ष में मनरेगा के तहत कम से कम 5 दिन कार्य किया हो।
सरकार का मानना है कि कई ऐसे गरीब परिवार हैं जो सीमित अवसरों के कारण मनरेगा में अधिक दिन काम नहीं कर पाते, लेकिन उनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होती है। ऐसे परिवारों को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किया जा रहा है।
इन परिवारों को भी मिलेगी प्राथमिकता:
नए दिशा-निर्देशों में कुछ और संवेदनशील श्रेणियों को भी प्राथमिकता दी गई है—
- जिन परिवारों की मुखिया महिला हो और 27 से 59 वर्ष के बीच कोई वयस्क पुरुष सदस्य न हो
- जिन परिवारों के मुखिया को 50% या उससे अधिक दिव्यांगता हो
ऐसे परिवारों को अब बीपीएल सूची में शामिल करने में प्राथमिकता दी जाएगी।
क्या है नया प्रावधान?
सरकार द्वारा जारी संशोधित दिशा-निर्देशों में पैरा 1 (क) (iv) में बदलाव करते हुए यह प्रावधान जोड़ा गया है। इसका मुख्य उद्देश्य उन परिवारों को शामिल करना है जो वास्तव में जरूरतमंद हैं, लेकिन अब तक सूची से बाहर रह गए थे।
आवेदन की अंतिम तारीख और प्रक्रिया:
बीपीएल सूची के सातवें चरण (Phase-VII) के लिए नए आवेदन 5 मई 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे। वहीं Phase-I से Phase-VI तक प्राप्त आवेदनों पर भी विचार किया जाएगा।
खंड स्तरीय समिति द्वारा 17 अप्रैल 2026 तक पंचायत-वार बीपीएल सूची प्रकाशित की जाएगी।
पुरानी सूचियों पर नहीं पड़ेगा असर:
सरकार ने साफ किया है कि Phase-I से Phase-VI तक की सभी सूचियां और निर्णय यथावत रहेंगे। केवल Phase-VII के लिए ही नए नियम लागू होंगे। सत्यापन, अनुमोदन और अपील की प्रक्रिया पहले की तरह ही जारी रहेगी।
क्या होगा फायदा?
ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार, इस फैसले से पारदर्शिता बढ़ेगी और सही मायनों में गरीब परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंच सकेगा। लंबे समय से बीपीएल सूची से बाहर रह गए पात्र परिवारों को अब इस बदलाव से राहत मिलने की उम्मीद है।
करीब 4-5 महीनों से चल रही बीपीएल चयन प्रक्रिया अब अपने सातवें चरण में पहुंच चुकी है। नए नियमों के साथ सरकार ने यह साफ कर दिया है कि उसका फोकस अब ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद परिवारों को राहत देने पर है।












