मां चिंतपूर्णी ट्रस्ट की गाड़ियों के दुरुपयोग पर हाईकोर्ट सख्त: DC ऊना व पुलिस के वाहन जब्त करने का आदेश
शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने ऊना जिला स्थित प्रसिद्ध मां चिंतपूर्णी मंदिर न्यास की संपत्ति और दान राशि से खरीदी गई गाड़ियों के कथित दुरुपयोग मामले पर सख्त रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने इस मामले पर स्वतः संज्ञान लिया।
कोर्ट ने डीसी ऊना और एसएचओ द्वारा इस्तेमाल की जा रही इनोवा क्रिस्टा और बोलेरो गाड़ियों को 5 दिनों के भीतर वापस करने के निर्देश दिए हैं। आरोप है कि ये वाहन मंदिर ट्रस्ट के धन से खरीदे गए थे और सरकारी उपयोग में लाए जा रहे थे। इसके अलावा मंदिर को दान में मिली एक अन्य गाड़ी का उपयोग भी पुलिस विभाग द्वारा किए जाने का मामला सामने आया है।
खंडपीठ ने इस मामले में राज्य सरकार, मुख्य सचिव और सह-मुख्य आयुक्त (मंदिर) सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। याचिकाकर्ता ने मंदिर न्यास की संपत्ति को सुरक्षित रखने और किसी भी प्रकार के हस्तांतरण या निपटान पर रोक लगाने की मांग की है।
मामले की अगली सुनवाई 4 जून को निर्धारित की गई है। वहीं, ट्रस्टी अंकुर कालिया ने भी मंदिर धन के कथित दुरुपयोग और गाड़ी खरीद को न्यायालय के निर्देशों के विरुद्ध बताया है।












