अब बर्फबारी से सेब नुकसान पर भी मिलेगा मुआवजा, बीमा योजना में एड-ऑन कवर लाने की तैयारी
शिमला। हिमाचल प्रदेश के बागवानों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार अब भारी बर्फबारी से सेब की फसल को होने वाले नुकसान को भी फसल बीमा योजना के तहत लाने की तैयारी में है। बागवानी विभाग इस प्रस्ताव को एड-ऑन कवर के रूप में शामिल कर केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेजने जा रहा है।
दरअसल, बदलते जलवायु पैटर्न के चलते प्रदेश में बेमौसम बर्फबारी का असर बढ़ गया है। इस साल अप्रैल में हुई बर्फबारी ने ऊंचाई वाले इलाकों में सेब की फसल को खासा नुकसान पहुंचाया। हालात ऐसे रहे कि सुरक्षा के लिए लगाई गई एंटी हेलनेट तक टूट गई, जिससे बागवानों को भारी आर्थिक झटका लगा।
इसी स्थिति को देखते हुए सरकार अब बर्फबारी से होने वाले नुकसान को भी बीमा के दायरे में शामिल करने की दिशा में काम कर रही है। फिलहाल ओलावृष्टि पहले से ही एड-ऑन कवर में शामिल है, और अब उसी मॉडल पर बर्फबारी को भी जोड़ा जाएगा।
मौजूदा समय में बागवानों को करीब 75 रुपये प्रति पौधा प्रीमियम देना होता है, जबकि ओलावृष्टि के लिए 23 रुपये अतिरिक्त चुकाने पड़ते हैं। सरकार की कोशिश है कि बर्फबारी को भी इसी ढांचे में शामिल किया जाए, ताकि बागवानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाले बिना उन्हें अधिक सुरक्षा मिल सके।
हिमाचल में करीब 2.5 लाख परिवार बागवानी से जुड़े हैं और हर साल 5 से 7 लाख मीट्रिक टन सेब का उत्पादन होता है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सेब का योगदान 5000 करोड़ रुपये से अधिक है।
बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि बागवानों की आर्थिक सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और कम प्रीमियम में अधिकतम जोखिम कवर देने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में बागवानों को आर्थिक सहारा मिल सके।












