हिमाचल में इस दिन एक्टिव होगा वेस्टर्न डिस्टरबेंस, फिर बिगड़ेगा मौसम का मिजाज
शिमला: हिमाचल प्रदेश में मौसम का मिजाज अभी भी पूरी तरह से शांत नहीं हुआ है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश और बर्फबारी का दौर जारी है, जिससे जनजीवन के साथ-साथ खेती-बागवानी पर भी असर पड़ रहा है। मौसम विभाग ने साफ किया है कि आने वाले कुछ दिनों तक प्रदेश को इस बदलते मौसम से राहत मिलने की संभावना कम है।
मौसम विभाग के अनुसार कुल्लू, कांगड़ा, चंबा और शिमला जिलों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों के साथ-साथ किन्नौर और लाहौल-स्पीति में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। इसे लेकर विभाग ने अलर्ट भी जारी किया है।
पिछले 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी दर्ज की गई है, जिससे तापमान में गिरावट आई है और ठंड का असर फिर से महसूस किया जा रहा है।
आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार 16 और 17 अप्रैल को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। 18 अप्रैल को भी कुछ स्थानों पर मौसम के ऐसे ही बने रहने के आसार हैं।
बताया जा रहा है कि 15 अप्रैल से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया, हालांकि कमजोर, वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो सकता है, जिसका असर प्रदेश के मौसम पर देखने को मिलेगा। हालांकि सप्ताह के अन्य दिनों में मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई गई है।
किसानों और बागवानों की बढ़ी मुश्किलें
लगातार हो रही बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि ने किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर चेरी, सेब और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। किसानों का कहना है कि इस मौसम का सीधा असर पैदावार पर पड़ेगा, जिससे आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ सकता है।
टूरिज्म के लिए राहत की खबर
वहीं दूसरी ओर, पर्यटन नगरी मनाली में पर्यटन कारोबारियों के लिए यह मौसम उम्मीद की किरण बनकर आया है। उनका मानना है कि बर्फबारी से पर्यटकों का आकर्षण बढ़ेगा और आने वाले गर्मी के सीजन में टूरिज्म को रफ्तार मिलेगी। जब देश के अन्य राज्यों में लोग भीषण गर्मी से जूझ रहे होंगे, उस समय हिमाचल की ठंडी वादियां सैलानियों को राहत देंगी।
एक तरफ जहां बदलता मौसम किसानों के लिए संकट बनता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर यही मौसम पर्यटन कारोबार के लिए नई संभावनाएं भी लेकर आ रहा है। अब सभी की नजरें आने वाले दिनों के मौसम पर टिकी हैं।












